Bihar Police: बिहार के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में मंगलवार देर शाम बड़ा बदलाव देखने को मिला। राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार अचानक 21 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं, जिसके बाद होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की महानिदेशक प्रीता वर्मा को प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार सरकार के इस फैसले से राज्य के शीर्ष अधिकारियों में हलचल मच गई है। इसके साथ ही बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष और दारोगा भर्ती बोर्ड के चेयरमैन भी बदल दिए गए हैं।
बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: DGP छुट्टी पर, इस IPS अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार, जानें पूरा मामला!
Bihar Police: राज्य के पुलिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार 21 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। इसके बाद गृह विभाग ने 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार का अतिरिक्त डीजीपी नियुक्त किया है। यह अधिसूचना मंगलवार शाम को जारी की गई। डीजीपी विनय कुमार के अवकाश पर जाने और नए अतिरिक्त डीजीपी की नियुक्ति से राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के बीच पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।

डीजीपी विनय कुमार का अवकाश और प्रीता वर्मा का नया प्रभार
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीजीपी विनय कुमार ने 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक के लिए अवकाश लिया है। उन्होंने यह छुट्टी निजी और स्वास्थ्य संबंधी अपरिहार्य कारणों से ली है। उनकी अनुपस्थिति में, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रीता वर्मा वर्तमान में होमगार्ड और अग्निशमन सेवा की महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। वह अपने मौजूदा पदभार के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कार्यालय की जिम्मेदारियां भी संभालेंगी। यह अतिरिक्त प्रभार डीजीपी विनय कुमार के लौटने तक जारी रहेगा।
पूर्व डीजीपी के.एस. द्विवेदी भी अवकाश पर, उठ रहे सवाल
इसी बीच, बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (बीपीएसएससी) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व डीजीपी के.एस. द्विवेदी भी एक महीने की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। द्विवेदी का अवकाश सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है, जिससे उनके अनुपस्थिति के समय को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य संबंधी कारणों से यह छुट्टी ली है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य पुलिस प्रशासन को त्योहारों, भर्ती और परीक्षा के मौसम के दौरान पुलिस मुख्यालय और बीपीएसएससी दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है।
इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के अवकाश पर जाने से राज्य के पुलिस प्रशासन और भर्ती प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी दिनों में इन बदलावों का पुलिसिंग और भर्ती कार्यों पर क्या असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
बिहार पुलिस को मिली नई कमान, कौन हैं प्रीता वर्मा?
गृह विभाग द्वारा मंगलवार शाम जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, डीजीपी विनय कुमार का अवकाश 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक के लिए मंजूर किया गया है। यह अवकाश उन्होंने अपरिहार्य निजी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए लिया है। इस अवधि में पुलिस मुख्यालय से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन प्रीता वर्मा करेंगी।
प्रीता वर्मा 1991 बैच की अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में होमगार्ड एवं फायर सर्विस की महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। वे बिहार कैडर की सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक मानी जाती हैं।
BPSC और दारोगा भर्ती बोर्ड में भी बड़ा बदलाव
पुलिस विभाग के साथ-साथ बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में भी शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ है। बीपीएससी के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई के अवकाश पर जाने के बाद राजस्व पर्षद की अध्यक्ष सह सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
हरजोत कौर बम्हरा 1992 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने राज्य प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसी क्रम में दारोगा भर्ती बोर्ड के चेयरमैन पद पर जितेंद्र कुमार की नियुक्ति भी की गई है। जितेंद्र कुमार 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) से जुड़े रहे हैं।
नए डीजीपी की दौड़ में कौन-कौन?
मौजूदा डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है, और नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया पहले से ही जारी है। प्रीता वर्मा, जो अब प्रभारी डीजीपी का कार्यभार संभाल रही हैं, इस दौड़ में सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं।
उनके अलावा जितेंद्र सिंह गंगवार, कुंदन कृष्णन जैसे अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भी अगले डीजीपी के लिए चर्चा में हैं। फिलहाल, प्रीता वर्मा इस अतिरिक्त प्रभार के साथ राज्य के पुलिस प्रशासन की कमान संभालेंगी।
विनय कुमार का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है, लेकिन नए डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। ऐसे में प्रीता वर्मा का प्रभारी बनना इस दौड़ में उनकी दावेदारी को और मजबूत कर सकता है। आने वाले दिनों में बिहार के प्रशासनिक हलकों में और भी बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं, जिस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।







