Patna Property Tax: संपत्ति कर की वसूली को लेकर पटना नगर निगम (PMC) ने कमर कस ली है। निगम ने वसूली अभियान को तेज करते हुए घर-घर जाकर सर्वेक्षण और साइट निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसका मकसद ऐसी संपत्तियों की पहचान करना है, जो अभी तक नगर निगम के कर दायरे से बाहर हैं। इस अभियान के तहत, नगर निगम की टीमें विभिन्न वार्डों में बड़ी इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि उनका उचित कर मूल्यांकन किया जा सके।
नगर निगम ने एक बिल्डर के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मूल्यांकन टीम के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में मामला भी दर्ज कराया है। यह घटना बांकीपुर अंचल के अशोक राजपथ पर इस्लामिया शमसुल हुदा की एक नवनिर्मित इमारत के माप के दौरान हुई। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, बिल्डर ने निरीक्षण में बाधा डाली और टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता की। इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी ने पीरबहोर पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।

बिल्डर पर सख्त कार्रवाई, दर्ज हुई FIR
पटना नगर निगम संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। इसी क्रम में, अशोक राजपथ पर एक नवनिर्मित इमारत के निरीक्षण के दौरान हुई घटना पर तत्काल कार्रवाई की गई है। निगम की टीम जब इस्लामिया शमसुल हुदा के भवन का माप कर रही थी, तभी बिल्डर ने कथित तौर पर टीम को रोका और उनके साथ बुरा बर्ताव किया। इस गंभीर मामले को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी ने पीरबहोर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम ने संपत्ति कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वच्छता टीमों को भी इसमें शामिल किया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संपत्ति कर के दायरे से बाहर न रहे और शहर के विकास के लिए राजस्व संग्रह में वृद्धि हो।
एक दिन में 93 लाख से ज्यादा का टैक्स संग्रह
संपत्ति कर वसूली अभियान के तहत, 15 सितंबर को नगर निगम ने एक ही दिन में 93.68 लाख रुपये का संपत्ति कर संग्रह किया। इसमें पाटलिपुत्र अंचल ने सर्वाधिक 67.99 लाख रुपये का संग्रह किया, जिसके बाद कंकड़बाग अंचल ने 8.68 लाख रुपये का योगदान दिया। संपत्ति कर वृद्धि अभियान के तहत, नगर निगम की टीमें सभी अंचलों में घर-घर जाकर संपर्क कर रही हैं और साइट निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं से भी संपर्क कर उनकी संपत्तियों का विवरण सत्यापित कर रहे हैं।
निगम के अनुसार, 99 नई संपत्तियों की पहचान की गई है और उन्हें संपत्ति कर के दायरे में लाया गया है। इसके अतिरिक्त, 34 संपत्तियों ने स्व-मूल्यांकन पूरा किया, जबकि 13 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन लागू जुर्माने के साथ किया गया।
| PMC अंचल | संपत्तियाँ | संग्रहित कर |
|---|---|---|
| अजीमाबाद | 101 | 5.18 लाख रुपये |
| बांकीपुर | 67 | 4.26 लाख रुपये |
| कंकड़बाग | 103 | 8.68 लाख रुपये |
| नूतन राजधानी | 94 | 5.63 लाख रुपये |
| पाटलिपुत्र | 129 | 67.99 लाख रुपये |
| पटना सिटी | 38 | 1.92 लाख रुपये |
ये आंकड़े 15 सितंबर को चलाए गए संपत्ति कर संग्रह अभियान से संबंधित हैं। इस दौरान 113 संपत्तियों का कर मूल्यांकन किया गया, जबकि 35 संपत्तियों ने स्व-मूल्यांकन पूरा किया और 13 संपत्तियों का जुर्माने के साथ पुनर्मूल्यांकन किया गया।
नगर निगम ने कर काउंटरों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है और करदाताओं से 30 सितंबर तक स्व-मूल्यांकन पूरा करने और अपना संपत्ति कर जमा करने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद प्रति माह 1.5% का जुर्माना लागू होगा। यह अभियान शहर में कर अनुपालन सुनिश्चित करने और नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








