Chandrashekhar Azad: भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने इस संबंध में मिली सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जांच में न केवल उनकी हत्या की कथित साजिश का खुलासा होना चाहिए, बल्कि बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने सरकार से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग थे और उनकी क्या भूमिका थी।

चंद्रशेखर आजाद बोले- ‘मौत से डर नहीं’
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने विरोधियों को भी कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौत से डरकर जीवन नहीं जिया जा सकता। उनका मानना था कि यदि उनकी मौत उनके विरोधियों के हाथों लिखी होगी, तो वह होकर रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके विरोधी अपने इरादों में सफल नहीं हुए और उनके समर्थकों ने उनका साथ दिया, तो ऐसे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश में मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी।
जनप्रतिनिधि की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
चंद्रशेखर ने इस पूरे मामले को केवल अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा विषय मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने जोर दिया कि यह मामला एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, सुरक्षा प्राप्त सांसद पर दिनदहाड़े पत्थरबाजी की घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी को ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतलों के जरिए आग लगाने की कोशिश की गई थी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं में शामिल लोग बेखौफ नजर आते हैं, तो प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी प्रश्नचिन्ह लगता है। उन्होंने अपने बयान में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा तथा न्याय का मुद्दा भी उठाया। चंद्रशेखर का कहना है कि उनकी सुरक्षा के साथ हुई घटना को व्यापक सामाजिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की।
बाराबंकी हिंसा और साजिश के तार
बाराबंकी हिंसा का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि हत्या की कथित साजिश और हिंसा में शामिल लोगों के बीच यदि कोई संबंध है, तो जांच के जरिए उसे सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग एक बार फिर दोहराई। चंद्रशेखर ने अपने समर्थकों से भी संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि संघर्ष जारी रहेगा और मौत के डर से पीछे हटना उनके लिए कोई विकल्प नहीं है।
चंद्रशेखर आजाद के इस गंभीर आरोप ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या जांच से हत्या की कथित साजिश के पीछे के असली चेहरों का खुलासा हो पाता है।







