Bihar Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के 27 जिलों के लिए अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस खराब बिहार मौसम के कारण कई जिलों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, वहीं गंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
बिहार में तबाही का अलर्ट! 27 जिलों में भारी बारिश, बिजली और तेज हवाओं से रहें सावधान
Bihar Weather: बिहार में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिससे राज्य के 27 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी पटना में भी दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम तक हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।






राज्य के 27 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: क्या है चेतावनी?
मौसम विभाग द्वारा जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ के तहत, बिहार के 27 जिलों में मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है। सुबह से ही बगहा और समस्तीपुर जैसे इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, मुख्य बादल प्रणाली अब पूर्वोत्तर भारत की ओर बढ़ गई है, लेकिन बिहार के ऊपर हल्की बादल छाए रहेंगे। अगले चार दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
सीवान में जलजमाव, गंगा का बढ़ता जलस्तर: जानें ताजा हालात
बीते 24 घंटों में सीवान, सुपौल, समस्तीपुर और रक्सौल में भारी बारिश दर्ज की गई। सीवान में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण सदर अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। जल निकासी की खराब व्यवस्था के चलते अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में भी पानी घुस गया। इस बीच, पटना और मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मुंगेर में तो हर घंटे लगभग 2 सेंटीमीटर की दर से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। उत्तर, मध्य और पूर्वी बिहार के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
13 जुलाई के लिए, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, रोहतास, कैमूर (भभुआ), भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद जैसे जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। सक्रिय मानसून के कारण अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 34°C से 36°C के बीच रहने की उम्मीद है।
मानसून की सक्रियता से किसानों को मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी के प्रवाह और राज्य के पास मानसून ट्रफ की उपस्थिति के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून बिहार में सक्रिय हो गया है। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे मौजूदा बारिश की कमी धीरे-धीरे कम होगी। यह नई बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिए किसानों को लाभ पहुंचाएगी।
इससे पहले, बारिश की कमी के कारण धान की लक्षित रोपाई का केवल लगभग 4 प्रतिशत ही पूरा हो पाया था, जिससे राज्य में सूखे जैसी स्थिति की चिंता बढ़ गई थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, बिहार में लगभग 3.2 मिलियन हेक्टेयर में धान की खेती होती है, जो मुख्य रूप से मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जुलाई में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को भूजल सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ेगा और जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
जलजमाव से बढ़ी परेशानी, पटना में भी छाए बादल
राज्य के कई हिस्सों में हुई बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सीवान में रविवार देर रात हुई भारी वर्षा से मॉडल सदर अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी में भी बारिश का पानी घुस गया। इसके विपरीत, पटना, नालंदा और बक्सर जैसे जिलों में धूप खिली रहने से उमस भरी गर्मी का अनुभव हुआ। कैमूर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मॉनसून की सक्रियता से जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश बढ़ने की उम्मीद है, जिससे वर्तमान वर्षा की कमी को कम करने में मदद मिलेगी।
गंगा का बढ़ता जलस्तर और मॉनसून की सक्रियता
मॉनसून की सक्रियता के बावजूद बिहार में अभी भी 47 प्रतिशत वर्षा की कमी है। इस मौसम में अब तक 301.5 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 161.2 मिमी वर्षा हुई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने और मॉनसून ट्रफ के राज्य के करीब होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब बिहार में सक्रिय हो गया है। इस बीच, पटना और मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मुंगेर में तो यह प्रति घंटे लगभग 2 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
किसानों के लिए राहत या चिंता? बारिश की कमी का असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौजूदा स्थितियां बनी रहती हैं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे वर्तमान वर्षा की कमी धीरे-धीरे कम होगी। यह नई बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिए किसानों को लाभ पहुंचाएगी। पहले, कम बारिश के कारण धान की लक्षित रोपाई का केवल 4 प्रतिशत ही पूरा हो पाया था, जिससे राज्य में सूखे जैसी स्थिति की आशंका बढ़ गई थी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, बिहार में लगभग 3.2 मिलियन हेक्टेयर में धान की खेती होती है, जो मॉनसून की बारिश पर बहुत अधिक निर्भर करती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश होती है, तो धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को भूजल सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ेगा और जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज
- सीवान
- सारण
- रोहतास
- कैमूर (भभुआ)
- भोजपुर
- बक्सर
- अरवल
- औरंगाबाद
इन जिलों में 13 जुलाई को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बारिश और वज्रपात की संभावना है।








