Bihar Weather Today: लू से तपेंगे कई इलाके, गहराया संकट, जानिए रिपोर्ट | Bihar में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। जहां एक ओर राज्य के कुछ जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई जा रही है, वहीं कई अन्य जिलों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इस अचानक बदलते मौसम का प्रभाव कृषि पर भी देखने को मिल रहा है, विशेषकर मखाना की खेती पर।
इन जिलों को मिलेगी राहत: बारिश के आसार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के 5 जिलों – पटना, भोजपुर, गया, भागलपुर और खगड़िया में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने, बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने और भीषण गर्मी से खुद को सुरक्षित रखने की अपील की गई है।






लू की चेतावनी: इन जिलों में गर्म हवाओं से बढ़ेगी मुश्किल
वहीं, बेगूसराय, समस्तीपुर, सारण, बक्सर और गोपालगंज जैसे जिलों में लू (Heatwave) चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए।
कैसे रखें गर्मी में खुद को सुरक्षित?
दिन के समय धूप में बाहर निकलने से बचें
खूब सारा पानी और तरल पदार्थ लें
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें
लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
कटिहार में वर्षा नहीं, मखाना किसानों की उम्मीद टूटी
कटिहार जिले में अब तक बारिश नहीं होने के कारण मखाना की फसल पर बुरा असर पड़ा है।
यहां के किसानों ने पिछले वर्षों की सरकारी मदद और बेहतर दाम मिलने के कारण इस बार मखाना की खेती बड़े पैमाने पर की थी।
लेकिन लगातार तेज धूप और वर्षा की कमी के कारण खेतों में लगी फसल सूखने लगी है।
सरकारी योजनाओं से मिली थी प्रेरणा, अब संकट गहराया
पिछले वर्ष सरकार ने पटवन के लिए कृषि फीडर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसानों को मखाना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया था।
शुरुआत में फसल की हालत देखकर किसान उत्साहित थे, लेकिन अब वे निराशा में डूबे हुए हैं।
सूखे खेतों में फसल की हालत देखकर किसानों का कलेजा फट रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासन से राहत की उम्मीद
किसानों ने सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि मौसम की मार से प्रभावित फसलों के लिए मुआवजा दिया जाए और जल्दी बारिश की स्थिति में आपात सिंचाई की व्यवस्था हो।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं होती, तो मखाना का उत्पादन 30-40% तक घट सकता है।
मौसम का दोहरा प्रभाव – कहीं राहत, कहीं आफत
Bihar में मौसम का यह दोहरे रूप वाला असर बताता है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का प्रभाव अब आमजन और कृषि दोनों पर साफ नजर आ रहा है।
जहां कुछ जिलों में बारिश लोगों को भीषण गर्मी से राहत दे सकती है, वहीं अन्य जिलों में लू और सूखा किसानों की आजीविका पर संकट बनकर टूट रहा है।







