Biharsharif Bus Attack: बिहारशरीफ में सोमवार सुबह एक यात्री बस पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यादव छात्रावास के समीप 10 से 12 युवकों ने बिहारशरीफ से शेखपुरा जा रही एक बस को रोककर चालक और उपचालक को बेरहमी से पीटा। इस दौरान बस के शीशे भी तोड़ दिए गए, जिससे यात्रियों में अफरातफरी और दहशत फैल गई।
हमले में बस चालक नीतीश कुमार और उपचालक पप्पू यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को तुरंत बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चालक ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उपचालक के पास रखे करीब पांच हजार रुपये भी छीन लिए।

बिहारशरीफ में यात्रियों की जान जोखिम में! बस पर जानलेवा हमला, ड्राइवर-खलासी को पीटा, 5 हजार लूटे
Biharsharif Bus Attack: सोमवार सुबह बिहारशरीफ के यादव छात्रावास के पास यात्री बस में सवार लोगों पर जानलेवा हमला हुआ। बदमाशों ने बिहारशरीफ से शेखपुरा जा रही एक यात्री बस को बीच रास्ते में रोक लिया। इसके बाद बस के चालक नीतीश कुमार और उपचालक पप्पू यादव के साथ बेरहमी से मारपीट की। लाठी-डंडों और लोहे के पाइप से लैस करीब 10 से 12 युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हमले में बस के शीशे भी तोड़ दिए गए, जिससे बस में बैठे यात्रियों के बीच दहशत फैल गई।
घायल चालक नीतीश कुमार और उपचालक पप्पू यादव को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चालक ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उपचालक के पास रखे करीब पांच हजार रुपये भी छीन लिए। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही इस आरोप की पुष्टि हो पाएगी।
सवारी बनकर रोकी बस, फिर बरसाए लाठी-डंडे
अस्पताल में इलाज करा रहे चालक नीतीश कुमार ने घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह वह ‘बदौनी’ नामक बस लेकर शेखपुरा की ओर जा रहे थे। यादव छात्रावास के पास सड़क किनारे चार-पांच युवक खड़े थे। उन्हें यात्री समझकर बस रोकी गई। बस रुकते ही एक युवक चालक की तरफ से बस में चढ़ गया और तुरंत चाबी निकाल ली। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आसपास मौजूद 10-12 अन्य युवक वहां पहुंच गए। उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडों व लोहे के पाइप से चालक और उपचालक पर हमला कर दिया।
चालक नीतीश कुमार ने बताया, “सवारी समझकर बस रोकी थी, लेकिन वे बदमाश निकले। उन्होंने पहले चाबी निकाली और फिर हम पर हमला कर दिया। उपचालक के 5 हजार रुपये भी छीन लिए।”
हमलावरों ने पहले उपचालक पप्पू यादव को घेरकर पीटा। इसके बाद वे बस के अंदर घुस गए और चालक नीतीश कुमार के साथ भी मारपीट की। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। यात्रियों में अफरातफरी मच गई और वे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर यह हमला क्यों किया जा रहा है।
रक्षाबंधन के विवाद से जुड़ा हो सकता है हमला
चालक नीतीश कुमार ने आशंका जताई है कि इस हमले के पीछे रक्षाबंधन के दिन हुआ एक पुराना विवाद हो सकता है। उनके अनुसार, रक्षाबंधन के दिन बस में बहुत भीड़ थी। उस दौरान नियमित स्टॉपेज से कुछ दूरी पर बस रोकने को लेकर एक यात्री और उसके परिजनों से चालक और उपचालक का विवाद हो गया था। इस विवाद में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज भी हुई थी। चालक का कहना है कि उस यात्री और उसके परिजनों ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। नीतीश कुमार को संदेह है कि उसी विवाद का बदला लेने के लिए सोमवार को यह हमला किया गया है। हालांकि, यह सिर्फ चालक की आशंका है और पुलिस जांच के बाद ही हमले की असली वजह सामने आ पाएगी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही बिहार थाना पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही बिहार थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि बस को किस वजह से रोका गया, हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह हमला पहले से सुनियोजित था। साथ ही, चालक द्वारा लगाए गए रुपये छीनने के आरोप की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवारी बनकर बस में घुसे बदमाश, चाबी निकाली और फिर हमला
घायल चालक नीतीश कुमार ने अस्पताल में पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह वह ‘बदौनी’ बस लेकर शेखपुरा की ओर जा रहे थे। यादव छात्रावास के पास सड़क किनारे कुछ युवक खड़े दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने यात्री समझा और बस रोक दी। बस रुकते ही एक युवक चालक की तरफ से बस में चढ़ गया और तुरंत चाबी निकाल ली।
नीतीश कुमार कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आसपास मौजूद 10-12 अन्य युवक वहां पहुंच गए। सभी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडे तथा लोहे के पाइप से चालक और उपचालक पर हमला कर दिया। पहले उपचालक पप्पू यादव को घेरकर पीटा गया, फिर हमलावर बस के अंदर घुसकर चालक नीतीश कुमार के साथ भी मारपीट की। हमले में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं।
रक्षाबंधन के दिन हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है हमला
चालक नीतीश कुमार ने इस हमले के पीछे रक्षाबंधन के दिन हुए एक पुराने विवाद की आशंका जताई है। उनके अनुसार, रक्षाबंधन के दिन बस में काफी भीड़ थी, और नियमित स्टॉपेज से कुछ दूरी पर बस रोकने को लेकर एक यात्री और उसके स्वजनों से उनका और उपचालक का विवाद हो गया था। उस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई थी, और यात्री तथा उसके स्वजनों ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
चालक को आशंका है कि सोमवार का यह हमला उसी पुराने विवाद का बदला लेने की नीयत से किया गया है। हालांकि, यह फिलहाल चालक का अनुमान है। हमले की असली वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका खुलासा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही बिहार थाना पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही बिहार थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस के अनुसार, पीड़ित पक्ष से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि बस को किस वजह से रोका गया, हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह हमला सुनियोजित था। साथ ही, चालक द्वारा लगाए गए रुपये छीनने के आरोप की भी गहनता से जांच की जा रही है।
चलती यात्री बस को सवारी के बहाने रुकवाकर चालक और उपचालक पर हमला किए जाने की इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों और आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। फिलहाल, घायल चालक और उपचालक का इलाज जारी है, और पुलिस हमलावरों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।







