Kamtaul Electricity: आंचल कुमारी दरभंगा। भादो की उमस भरी गर्मी और बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने बिहार के कमतौल-अहियारी के उपभोक्ताओं का जीना मुहाल कर दिया है। नगर पंचायत कमतौल-अहियारी के तीन वार्डों में बिजली की लगातार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से लोग बेहाल हैं। दिन हो या रात, बिजली बिना किसी पूर्व सूचना के गायब हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय उपभोक्ता सुशील कुमार ठाकुर, राघवेंद्र ठाकुर, मदन मुरारी ठाकुर और वृजनंदन ठाकुर ने बताया कि कभी पावर फेल तो कभी शट डाउन के नाम पर घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। थोड़ी देर के लिए बिजली आती है और फिर तुरंत ट्रिप कर जाती है। इस अनियमित आपूर्ति के कारण पंखा, मोटर, फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उमस भरी गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
शहरी दर पर बिल, ग्रामीण जैसी सुविधाएँ: उपभोक्ताओं का आक्रोश
वार्ड 11 के पार्षद अभिषेक कुमार और वार्ड 10 के रौशन कुमार सहित अन्य निवासियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद उपभोक्ताओं से बिजली बिल तो शहरी दरों पर वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें आज भी ग्रामीण इलाकों जैसी ही लचर सुविधाएँ मिल रही हैं। शिकायत दर्ज कराने पर भी कोई अधिकारी या कर्मचारी उनकी समस्याओं को सुनने या समाधान करने को तैयार नहीं है। विभाग के अधिकारी और कर्मी आपूर्ति को सुचारु करने के प्रति कोई संजीदगी नहीं दिखा रहे हैं, जिससे जनता में गहरा असंतोष है।
निर्बाध आपूर्ति की मांग, आंदोलन की चेतावनी
कमतौल-अहियारी के उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से तत्काल इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनकी प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं:
- नगर पंचायत के तीनों वार्डों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- बिजली आपूर्ति के लिए एक स्पष्ट रोस्टर बनाया जाए और उसका पालन किया जाए।
- बिजली गायब होने की स्थिति में उसकी सूचना सार्वजनिक रूप से दी जाए।
वार्ड 11 के पार्षद अभिषेक कुमार और वार्ड 10 के रौशन कुमार ने कहा, “अगर हमारी माँगें पूरी नहीं हुईं और बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो हम सभी उपभोक्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”
जनता ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं और बिजली विभाग का रवैया ऐसा ही रहा, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस स्थिति में, बिजली विभाग को उपभोक्ताओं के बढ़ते गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।







