Bihar Crime News: बिहार में डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या का मामला अब सिर्फ पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया है। यह घटना अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस मामले में डेहरी के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर, विधायक ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है, जिससे राज्य की सियासत गरमा गई है। पुलिस पहले ही इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर चुकी है और घटना के हर पहलू को जोड़ने में जुटी है।
तेजस्वी यादव ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
विमल कुमार की हत्या के बाद से ही यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब विपक्ष की ओर से विधायक पर कार्रवाई की मांग उठाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। तेजस्वी यादव का स्पष्ट कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।






विधायक सोनू सिंह ने आरोपों को बताया निराधार
उधर, डेहरी के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी स्तर की जांच से कोई आपत्ति नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस और कानून अपना काम कर रहे हैं, और ऐसे संवेदनशील मामले में राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वे हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाते रहे हैं, और इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि उनका किसी अधिकारी या व्यक्ति से कोई व्यक्तिगत विवाद था। विधायक ने इस कठिन समय में मृतक अधिकारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और अपील की कि बिना तथ्यों के किसी भी तरह की टिप्पणी या आरोप लगाने से बचा जाना चाहिए। उनका मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
आरोपी चालक के परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इसी बीच, इस मामले में गिरफ्तार किए गए चालक मिथिलेश कुमार के परिवार ने भी एक नया दावा किया है। आरोपी चालक की पत्नी आरती देवी ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका कहना है कि उनके पति शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं और उनकी किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं रहा है। आरती देवी ने दावा किया कि उनके पति ने पुलिस के दबाव में आकर बयान दिया है। उन्होंने पुलिस, कानून और सरकार पर भरोसा जताते हुए मांग की कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। आरती देवी ने यह भी चिंता व्यक्त की कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, और यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनके बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।
विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने कहा, “पुलिस और कानून अपना काम कर रहे हैं। ऐसे संवेदनशील मामले में राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।”
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। अब देखना यह है कि निष्पक्ष जांच के बाद कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और इस हत्याकांड की गुत्थी कैसे सुलझती है। पीड़ित परिवार और गिरफ्तार चालक के परिवार दोनों को न्याय का इंतजार है।








