Bihar SIT: बिहार में डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की जांच अब एक विशेष जांच दल (SIT) करेगा। मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में निष्पक्ष, वैज्ञानिक और त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए आठ सदस्यीय टीम का गठन किया है। इस फैसले से पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।
बता दें कि डेहरी नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की 1 अगस्त को औरंगाबाद जिले के बारूण क्षेत्र में उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे डेहरी से पटना जा रहे थे। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी।






चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने चौकाया? सम्राट चौधरी को चैलेंज
डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी और चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने पति को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ईओ विमल कुमार हत्याकांड पर तेजस्वी यादव का गुस्सा फूट रहा है।अब नेता प्रतिपक्ष ने सम्राट चौधरी को चैलेंज दिया है, हिम्मत है तो चिराग पासवान के विधायक को गिरफ्तार कर दिखाएं !…
मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है…
SIT की अगुवाई कौन करेगा, कौन-कौन टीम में?
नवगठित एसआईटी का नेतृत्व औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्र नाथ वर्मा करेंगे। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें इस मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई है।
एसआईटी में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं:
- औरंगाबाद से: एसडीपीओ-2 आदित्य कुमार, बारूण सर्किल इंस्पेक्टर परवेज अली, बारूण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार और डीआईयू सेल के सब इंस्पेक्टर चंद्रहास।
- रोहतास से: डेहरी नगर अंचल पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार दूबे, डेहरी थानाध्यक्ष राहुल और डीआईयू सेल के प्रभारी राजकुमार यादव।
तेज जांच और खुलासे का पुलिस का वादा
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि एसआईटी सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेगी और जल्द से जल्द इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों को कानून के शिकंजे में लाएगी। इस मामले में पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव भी है। हत्याकांड के बाद से ही जनता में आक्रोश व्याप्त है और लोग जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
हत्याकांड की जांच में औरंगाबाद एसपी को कमान
आईजी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गठित एसआईटी का नेतृत्व औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा करेंगे। इस विशेष टीम को हत्याकांड के हर पहलू की गहराई से जांच करने और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाने का निर्देश दिया गया है।
आईजी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘मामले की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और त्वरित जांच के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।’
एसआईटी में औरंगाबाद जिले के कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल किए गए हैं। इनमें औरंगाबाद के एसडीपीओ-2 आदित्य कुमार, बारूण सर्किल इंस्पेक्टर परवेज अली, बारूण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार और डीआईयू सेल के सब इंस्पेक्टर चंद्रहास को जगह मिली है।
रोहतास के अधिकारी भी SIT में शामिल
डेहरी नगर परिषद से जुड़े इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहतास जिले से भी अनुभवी पुलिस अधिकारियों को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है। इनमें डेहरी नगर अंचल पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार दूबे, डेहरी थानाध्यक्ष राहुल और डीआईयू सेल के प्रभारी राजकुमार यादव शामिल हैं। यह टीम मिलकर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करेगी।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि एसआईटी इस मामले में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। टीम वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाएगी, ताकि मृतक ईओ विमल कुमार के परिजनों को न्याय मिल सके और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।








