Darbhanga Train Accident: बिहार के दरभंगा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले 73 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी विनोदानंद मिश्रा की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा लहेरियासराय चट्टी स्थित गुमती नंबर 21 पर सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब वे टहल रहे थे।







विनोदानंद मिश्रा बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बाबू साहब कॉलोनी स्थित व्यापार मंडल निवासी स्व. गोबिंद मिश्रा के पुत्र थे। बताया जा रहा है कि दरभंगा से समस्तीपुर की ओर जा रही साबरमती एक्सप्रेस की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जिससे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
मौत की गुमती नंबर 21: एक महीने में तीसरा हादसा
लहेरियासराय की गुमती नंबर 21 पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर यह तीसरी घटना है जब किसी व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हुई है। इस ट्रैक पर दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे यह स्थान ‘मौत की गुमती’ के नाम से जाना जाने लगा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यहां कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया, ‘अवतार गुमती नंबर 21 के पास दर्जनों लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।’
पोस्टमार्टम को लेकर परिवार और RPF में तकरार
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। आरपीएफ ने नियमानुसार शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन मृतक के परिजनों ने इसका विरोध किया। परिजनों ने कहा कि चूंकि वे सेवानिवृत्त थे और उनकी स्वाभाविक मौत नहीं थी, इसलिए वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। इसके बाद, आरपीएफ ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव को परिजनों को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस द्वारा बिना पोस्टमार्टम कराए शव सौंपने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कौन थे विनोदानंद मिश्रा?
विनोदानंद मिश्रा 2013 में लहेरियासराय स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा से सेवानिवृत्त हुए थे। वे अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। उनकी मौत की खबर सुनते ही पूरे इलाके के लोग उनके घर ढांढस बंधाने पहुंचे। इस दौरान वार्ड पार्षद राजू पासवान, भाजपा मीडिया प्रभारी मुकुंद चौधरी, आनंद प्रकाश, विद्या सागर झा, रेखा झा, सीता कांत झा, अमरनाथ चौधरी, शंभू नाथ झा, अरुण कुमार झा, अरुण सिंह और रमेश झा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा व्यवस्था और रेलवे क्रॉसिंग पर लोगों की लापरवाही पर बहस छेड़ दी है। प्रशासन को इस ‘मौत की गुमती’ पर हो रहे लगातार हादसों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।









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