Madhubani Cyber Crime: अगर आप मधुबनी में रहते हैं और ऑनलाइन गतिविधियों में सक्रिय हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साइबर ठगों ने अब ठगी के 12 से अधिक नए तरीके अपना लिए हैं, जिनसे आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी खतरे को देखते हुए, वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी के निर्देश पर 08 सितंबर 2026 को ‘साइबर स्मार्ट ट्यूजडे’ नामक एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने विवेकानंद विद्यापीठ में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने सभी से संदिग्ध लिंक, कॉल और मैसेज से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी ठगी का कारण बन सकती है।
साइबर ठगों के 12 से ज्यादा नए तरीके: कैसे फंसाते हैं जाल में?
साइबर थाना के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठग अब नए-नए पैंतरों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इन तरीकों में सबसे प्रमुख हैं:
- APK लिंक और ऑनलाइन शॉपिंग ऐप के बहाने फोन में मैलवेयर इंस्टॉल करवाना।
- टीम व्यूअर (Team Viewer), अल्ट्रा व्यूअर (UltraViewer) और एनीडेस्क (AnyDesk) जैसे रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए लैपटॉप, कंप्यूटर या फोन को नियंत्रित कर ठगी करना।
- पार्सल या कूरियर आने के नाम पर फर्जी कॉल या मैसेज भेजना।
- टेलीग्राम (Telegram) पर ‘जॉब/वर्क फ्रॉम होम’ के लुभावने ऑफर देना।
- व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से फर्जी वेबसाइटों पर ले जाना।
- आधार लिंक या बैंक KYC अपडेट के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी मांगना।
- वीडियो कॉल या चैट के दौरान ब्लैकमेल करना, जिसमें स्काइप (Skype) वीडियो कॉल भी शामिल है।
- एटीएम (ATM) के CVV नंबर को साझा करने के लिए मजबूर करना।
- जमीन सर्वे के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम देना।
- बिजली मीटर लगाने, बिजली बिल जमा करने या 125 यूनिट मुफ्त बिजली रिचार्ज के नाम पर ठगी।
- कोटा कोचिंग सेंटर से संबंधित फर्जी योजनाओं का झांसा देना।
“साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराना ही सबसे महत्वपूर्ण है। हम सभी से सतर्क और जागरूक रहने की अपील करते हैं।”
साइबर ठगी से बचने के लिए तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत उचित माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। साइबर सुरक्षा के इन उपायों को अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को ऑनलाइन फ्रॉड से बचा सकते हैं। पुलिस ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। विस्तार से पूरी जानकारी
साइबर ठगी से सावधान! मधुबनी में पुलिस बताएगी ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके
Madhubani Cybercrime: मधुबनी में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 8 सितंबर 2026 को विवेकानंद विद्यापीठ, मधुबनी में ‘साइबर स्मार्ट मंगलवार’ जागरूकता संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) करेंगे।
इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विवेकानंद विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को साइबर ठगी के विभिन्न प्रकारों से बचाव के तरीके सिखाना है। साइबर थाना के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय, संदिग्ध लिंक और कॉल से सतर्क रहने की विस्तृत जानकारी देंगे।
साइबर अपराध से बचाव के गुर
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल और उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के बारे में भी बताया जाएगा। पुलिस ने सभी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे साइबर ठगी से बचाव के लिए हमेशा सतर्क और जागरूक रहें। यह पहल डिजिटल युग में नागरिकों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम कदम है।
इन तरीकों से होता है साइबर फ्रॉड
साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने ऐसे ही कुछ प्रमुख तरीकों की जानकारी दी है, जिनसे आम लोग अक्सर ठगी का शिकार होते हैं। इन तरीकों को जानना और समझना सभी के लिए बेहद ज़रूरी है ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
| साइबर ठगी के प्रकार |
|---|
| APK लिंक और ऑनलाइन शॉपिंग ऐप इंस्टॉल करवाकर |
| टीम व्यूअर, अल्ट्राव्यूअर और एनी डेस्क जैसे रिमोट एक्सेस ऐप के ज़रिए |
| पार्सल या कूरियर के नाम पर |
| टेलीग्राम पर जॉब या वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर |
| व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से |
| आधार लिंक करवाने के बहाने |
| बैंक KYC अपडेट के नाम पर |
| वीडियो कॉल या चैट के ज़रिए (जैसे स्काइप वीडियो कॉल) |
| ATM CVV नंबर साझा करने को कहकर |
| ज़मीन सर्वे के नाम पर |
| बिजली मीटर लगाने, बिजली बिल जमा करने या 125 यूनिट फ्री रिचार्ज का झांसा देकर |
| कोटा कोचिंग सेंटर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के नाम पर |
इन सभी तरीकों के प्रति जागरूक रहकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। पुलिस का यह जागरूकता अभियान लोगों को इन खतरों से निपटने में मदद करेगा।
साइबर थाना के पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों द्वारा विवेकानंद विद्यापीठ, मधुबनी में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन ठगी से बचाव, साइबर सुरक्षा के उपाय तथा संदिग्ध लिंक/कॉल से सतर्क रहने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के संबंध में बताया गया।
यह जागरूकता संवाद मधुबनी जिले में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पहल से छात्र और अभिभावक दोनों ही ऑनलाइन खतरों के प्रति अधिक सजग और सुरक्षित महसूस करेंगे।








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