Bihar Education Reform: बिहार में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री 18 सितंबर को ज्ञान भवन में 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए एक बड़े प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे। इस बीच, शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
स्कूलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आधार पर सख्ती
शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी की अध्यक्षता में हाल ही में विकास भवन के मदन मोहन सभागार में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब स्कूलों की सुरक्षा के लिए रात्रि प्रहरी तैनात किए जाएंगे। यह पहल सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित हो रहे मॉडल स्कूलों से शुरू होगी। इन स्कूलों में हाई-लेवल सिक्योरिटी एजेंसियों के गार्ड और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि बच्चों और स्कूल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने स्कूली बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने के मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का सख्त निर्देश दिया। स्कूलों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों से स्कूलों से जुड़े जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी तुरंत शिक्षा विभाग को भेजेंगे, ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
बक्सर में गुरुकुलम से लेकर शिक्षकों के वेतन तक बड़े फैसले
बैठक में कई अन्य दूरगामी फैसले भी लिए गए। बक्सर में गुरुकुलम विद्यापीठ की स्थापना के लिए 5 एकड़ जमीन मिल चुकी है। भवन निर्माण से पहले, अधिकारी बेंगलुरु के सत्य साई आश्रम और आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेंगे।
18 सितंबर को मुख्यमंत्री ज्ञान भवन में 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे। इसी दिन ‘शिक्षक समाधान पोर्टल’ और ‘मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल’ भी लॉन्च किए जाएंगे, जो शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे।
शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर भी अपडेट दिया गया। संस्कृत और मदरसा शिक्षकों का अगस्त महीने तक का वेतन भुगतान हो चुका है। वित्तरहित शिक्षकों के मामले में वित्त विभाग से बातचीत कर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
प्रतियोगिता और तकनीकी सहयोग पर भी चर्चा
बैठक में ’25 करोड़ सपने, सेवा एवं संकल्प’ प्रतियोगिता की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, SCERT के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर और 9 सितंबर को गूगल प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठक की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक बिहार की शिक्षा प्रणाली में तकनीकी एकीकरण और नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ये सभी निर्णय बिहार के सरकारी स्कूलों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। मुख्यमंत्री के हाथों होने वाले उद्घाटन और नए पोर्टलों के लॉन्च से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ लाखों छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा।







