Jharkhand Weather Update: रांची: झारखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है, लेकिन इसके साथ ही वज्रपात की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में वज्रपात की चपेट में आने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों यानी 8 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
झारखंड में वज्रपात का कहर! 24 घंटे में 20 मौतें, अगले 5 दिन बेहद खतरनाक
Jharkhand Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने एक बार फिर झारखंड में मानसून को तेज कर दिया है। मंगलवार, 5 अगस्त 2026 को राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, लेकिन इसके साथ ही तेज हवा और वज्रपात ने भयावह रूप ले लिया। पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की घटनाओं में 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।






गिरिडीह में वज्रपात से सबसे ज्यादा मौतें, 11 लोगों ने गंवाई जान
वज्रपात से हुई मौतों में सबसे अधिक संख्या गिरिडीह जिले से सामने आई है, जहाँ 11 लोगों की जान चली गई। देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के पास पेड़ के नीचे मोबाइल पर गेम खेल रहे चार किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में तीन चचेरे भाई भी शामिल थे। देवरी के तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान की भी वज्रपात से मौत हो गई। बगोदर में एक निर्माण स्थल पर बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े मजदूर की भी जान चली गई।
गिरिडीह के अलावा दुमका में तीन, लातेहार में दो, जबकि चतरा, गढ़वा और पलामू में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। अधिकांश हादसे धान रोपनी के दौरान खेतों में काम करते समय या बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे खड़े रहने के कारण हुए। यह दिखाता है कि ग्रामीण इलाकों में वज्रपात से बचाव के प्रति जागरूकता की कमी अब भी जानलेवा साबित हो रही है।
रांची समेत कई जिलों में अच्छी बारिश, तापमान में गिरावट
मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के नौ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रांची के कांके इलाके में सबसे ज्यादा 76 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, वहीं रांची शहर में 35 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अतिरिक्त, लोहरदगा में 45 मिमी, सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 11 मिमी और डालटनगंज में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश के कारण राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिससे मौसम सुहावना बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
8 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण झारखंड में मानसून 8 अगस्त तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें।
| तारीख | येलो अलर्ट वाले जिले |
|---|---|
| 5 अगस्त | रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर और जामताड़ा |
| 6 अगस्त | रांची, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पलामू, गढ़वा और चतरा |
| 7 अगस्त | सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, गढ़वा, पलामू और लातेहार |
| 8 अगस्त | लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा |
इन जिलों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
आने वाले दिनों में भी Jharkhand Weather Update पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी गई है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सके।
वज्रपात से 20 की मौत, गिरिडीह में सबसे अधिक कहर
वज्रपात की सबसे भयावह घटनाएं गिरिडीह जिले में सामने आईं, जहां अकेले 11 लोगों की जान चली गई। देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के पास एक पेड़ के नीचे मोबाइल पर गेम खेल रहे चार किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में तीन चचेरे भाई शामिल थे। देवरी के तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान की भी वज्रपात से जान चली गई। बगोदर में निर्माण स्थल पर बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े एक मजदूर की मौत हो गई।
अन्य जिलों में भी वज्रपात ने कहर ढाया। दुमका में तीन लोगों की, लातेहार में दो लोगों की, जबकि चतरा, गढ़वा और पलामू में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। अधिकांश हादसे धान रोपनी, खेतों में काम करने या बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे खड़े रहने के दौरान हुए।
रांची समेत नौ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज, कांके में सर्वाधिक
मंगलवार को राजधानी रांची समेत राज्य के नौ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रांची के कांके में सर्वाधिक 76 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि रांची शहर में 35 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा लोहरदगा में 45 मिमी, सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 11 मिमी और डालटनगंज में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
8 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण झारखंड में मानसून अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
जिला-वार येलो अलर्ट:
| तारीख | प्रभावित जिले |
|---|---|
| 5 अगस्त | रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा |
| 6 अगस्त | रांची, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पलामू, गढ़वा, चतरा |
| 7 अगस्त | सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, गढ़वा, पलामू, लातेहार |
| 8 अगस्त | लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू, गढ़वा |
मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। सभी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें ताकि ऐसी अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।








