Patna High Court: दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की जानकारी दी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसके तहत देश के आठ उच्च न्यायालयों में शीर्ष न्यायिक पदों पर बड़े फेरबदल किए गए हैं।
पटना हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव: जानें कौन होंगे आपके नए मुख्य न्यायाधीश!
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट को अपना नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 5 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से की गई है, जिससे बिहार की न्यायिक व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू होगा।
कौन हैं जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव?
जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास न्यायिक क्षेत्र का गहरा अनुभव है और उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है। अब उन्हें पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का अहम दायित्व सौंपा गया है।
कब से प्रभावी होगी यह नियुक्ति?
जारी अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। इसका अर्थ है कि औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद ही वे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करना शुरू करेंगे। उनकी नियुक्ति से हाईकोर्ट को एक अनुभवी और सक्षम नेतृत्व मिलेगा।
केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की घोषणा की गई है। यह नियुक्ति 5 सितंबर 2026 को की गई है।
इस नियुक्ति से पटना हाईकोर्ट में न्यायिक प्रक्रियाओं को गति मिलने और लंबित मामलों के निपटान में तेजी आने की उम्मीद है। जस्टिस राव के अनुभव का लाभ बिहार की जनता को मिलेगा और न्यायपालिका के प्रति उनका विश्वास और मजबूत होगा।
कौन हैं पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश?
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने 1987 में भूगोल में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की और 1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में, उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया।
अपने करियर के दौरान, जस्टिस राव ने सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली हाई कोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (प्रधान पीठ) में वकालत की। उन्हें श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानून सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल है। उनकी नियुक्ति से पटना हाई कोर्ट को एक अनुभवी और कुशल नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।
देश के अन्य उच्च न्यायालयों में भी बड़ा फेरबदल
पटना हाई कोर्ट के अलावा, देश के कई अन्य उच्च न्यायालयों में भी मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण किए गए हैं। इन नियुक्तियों में शामिल हैं:
- बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे।
- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
- इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे।
- पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को उसी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
- ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्णा राम महापात्रा अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे।
- गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
- राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे।
यह व्यापक फेरबदल देश की न्यायिक प्रणाली में नई ऊर्जा और दक्षता लाने के उद्देश्य से किया गया है। विधि मंत्रालय ने इन सभी नियुक्तियों की घोषणा विधिवत कर दी है।
विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट विवाद और नए मुख्य न्यायाधीश
इन नियुक्तियों के बीच राजस्थान हाई कोर्ट में हुए एक विवाद का संदर्भ भी सामने आया है। पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। अब जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है, जिससे वहां की न्यायिक व्यवस्था में स्थिरता आने की उम्मीद है।
इन सभी नियुक्तियों से देश की न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। नए मुख्य न्यायाधीशों के नेतृत्व में संबंधित उच्च न्यायालयों में न्याय प्रशासन को गति मिलने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। यह कदम न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।







