Bihar Politics News: बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से पहले महागठबंधन के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में सहयोगी दलों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिससे गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई दी।
असीतनाथ तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को चुनाव अभियान में प्रभावी भूमिका नहीं मिली। उनके अनुसार, इंडिया गठबंधन के भीतर अपेक्षित तालमेल की कमी स्पष्ट थी। वहीं, इन आरोपों को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सिरे से खारिज करते हुए महागठबंधन को पूरी तरह एकजुट बताया है।






‘सहयोगी दलों को पर्याप्त महत्व नहीं मिला’: कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने स्पष्ट किया कि बांकीपुर उपचुनाव में आरजेडी ने सहयोगी दलों के साथ सामंजस्य बनाने की अपेक्षित कोशिश नहीं की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पटना में मौजूद थे, लेकिन चुनाव प्रचार में उन्हें औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया। तिवारी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने कई कार्यक्रमों में बिना निमंत्रण के ही भाग लिया, क्योंकि महागठबंधन के साझा अभियान की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखी।
तिवारी ने उम्मीदवार चयन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पिछला विधानसभा चुनाव हार चुकी उम्मीदवार को दोबारा मैदान में उतारने के फैसले पर पहले से ही चर्चा हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी अपने पारंपरिक एमवाई (मुस्लिम-यादव) सामाजिक समीकरण को भी पूरी तरह एकजुट रखने में सफल नहीं दिखी। हालांकि, यह कांग्रेस की राजनीतिक टिप्पणी है और चुनावी परिणाम आने से पहले इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
असीतनाथ तिवारी ने कहा, “बिहार में इंडिया गठबंधन के सबसे बड़े दल होने के कारण आरजेडी की जिम्मेदारी अधिक है। गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाकर चुनाव लड़ना आवश्यक था। समन्वय की कमी का लाभ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को मिल सकता है।”
आरजेडी का आरोपों से इनकार, बताया एकजुटता का दावा
इन आरोपों पर आरजेडी ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयंत जिज्ञासु ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सहयोगी दलों के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस और आरजेडी का राजनीतिक संबंध वर्षों पुराना है तथा दोनों दल साझा रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। जिज्ञासु के अनुसार, गठबंधन को लेकर फैल रही अटकलों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान 30 जुलाई को संपन्न हो चुका है और मतगणना 3 अगस्त को होगी। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। सभी प्रमुख दल अपने-अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन नतीजों से पहले महागठबंधन में यह आंतरिक खींचतान बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ले सकती है।








