Patna Crime News: पटना में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। जन सुराज की नेता खुशबू पाठक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़, मारपीट और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में पटना के एसके पुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
गंभीर आरोपों का ब्यौरा
खुशबू पाठक, जो जन सुराज संघर्ष वाहिनी की उपाध्यक्ष हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना 30 जुलाई को शाम करीब 5 बजे एएन कॉलेज के मुख्य द्वार के पास हुई थी। उनके अनुसार, भाजपा के राजीव नगर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार ने लगभग 30 समर्थकों के साथ उन्हें बिना किसी उकसावे के घेर लिया।






शिकायत में कहा गया है कि उन्हें गालियां दी गईं, शारीरिक रूप से हमला किया गया, धक्का दिया गया, मुक्के मारे गए और थप्पड़ भी मारे गए। पाठक ने आरोप लगाया कि उनकी दुपट्टा जबरदस्ती खींच लिया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा। उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलीं।
खुशबू पाठक ने दावा किया कि आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप करके स्थिति को और बिगड़ने से रोका। उन्होंने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक संरक्षण के दावे और विरोध प्रदर्शन
पाठक ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि घटना के दौरान कुछ आरोपियों ने भाजपा नेता नितिन नवीन का समर्थन होने का दावा किया था और खुद को बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार नीरज सिन्हा का सहयोगी बताया था। उन्होंने पुलिस से इन दावों की जांच करने और यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता, उकसावे या मिलीभगत के सबूत मिलते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और भाजपा ने इन पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
शुक्रवार को, खुशबू पाठक के नेतृत्व में जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने एएन कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिकायत में नामित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
पाठक ने पुलिस को बताया कि कथित घटना का एक वीडियो रिकॉर्डिंग उनकी शिकायत के साथ एक पेन ड्राइव में जमा किया गया है। उन्होंने पुलिस से एएन कॉलेज और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और उसकी जांच करने का भी आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुलिस से घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया है।
पुलिस ने प्रकाशन के समय तक शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था और न ही इस बात की पुष्टि की थी कि प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं।
इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। जन सुराज नेता द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने बांकीपुर उपचुनाव के माहौल में तनाव बढ़ा दिया है, और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है।








