Nepal Case Withdrawal: नेपाल के गृह मंत्रालय ने जेन-जी आंदोलन से जुड़े 206 मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े फैसले से 220 आरोपियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों में नामजद किया गया था। यह कदम पूर्व न्यायाधीश बाबूराम रेग्मी की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के बाद उठाया गया है।
पूर्व न्यायाधीश बाबूराम रेग्मी की समिति की सिफारिशें
मंत्रालय ने पूर्व न्यायाधीश बाबूराम रेग्मी की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट को लागू करना शुरू किया है। समिति ने कम नुकसान वाली घटनाओं से संबंधित 206 मुकदमों को वापस लेने की सिफारिश की थी। इन मामलों में पुलिस चौकियों, वार्ड कार्यालयों और अन्य सरकारी संपत्तियों पर आगजनी व तोड़फोड़ के आरोप शामिल हैं।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘पहले चरण में कम नुकसान वाली घटनाओं से संबंधित मुकदमे वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से कई मामलों में नुकसान की राशि भी निर्धारित नहीं की गई है।’
हालांकि, गंभीर प्रकृति के मामलों को वापस नहीं लिया जाएगा। जिन आरोपियों पर सरकारी कार्यालयों में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने, लूटपाट और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ व आगजनी के आरोप हैं, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे बने रहेंगे। समिति ने अपनी सिफारिशों को पांच चरणों में वर्गीकृत किया है और स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक मामले वापस नहीं लिए जाने चाहिए। कुछ मामलों में, यदि आरोपी नुकसान की भरपाई को तैयार हों, तो आपसी सहमति से समझौता संभव है।
जेन-जी आंदोलन: दर्ज मामले और गिरफ्तारियां
नेपाल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 9 सितंबर 2025 को हुई घटनाओं के सिलसिले में कुल 1,013 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 1,013 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 273 लोग अभी भी जेल में हैं। आंदोलन में शामिल होने के आधार पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के लिए सरकार पर लगातार दबाव था, जिसके बाद अध्ययन समिति का गठन किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी और निजी संपत्तियों में लूटपाट व आगजनी से जुड़े कई मामले दर्ज हुए थे। इसके अतिरिक्त, पुलिसकर्मियों की हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं। सरकार के निर्देश पर हाल ही में पुलिस ने ऐसे मामलों में नए मुकदमे दर्ज करना बंद कर दिया है, जिससे भविष्य में और राहत की उम्मीद बढ़ गई है।







