Bihar Voter List Update: देशभर में मतदाता सूची को अपडेट करने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। आयोग ने बिहार समेत 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
चुनाव आयोग ने बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान सहित कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। आयोग ने इस संबंध में बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी जानकारी भेज दी है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें
निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित टाइम टेबल के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया कई चरणों में संपन्न होगी। 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों का पुनर्गठन/युक्तियुक्तकरण (रेयानलाइजेशन) पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद, एकीकृत प्रारूप ड्राफ्ट (Integrated Format Draft) मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। दावे और आपत्ति दाखिल करने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक कर दिया जाएगा।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। आयोग ने 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के अलावा, 1 अप्रैल 2027, 1 जुलाई 2027 और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले नए मतदाताओं को भी अग्रिम रूप से आवेदन जमा करने की सुविधा दी है। इस प्रक्रिया में घर-घर सत्यापन और फॉर्म वितरण भी शामिल है।
नए मतदाताओं को जोड़ने और त्रुटियां सुधारने के लिए फॉर्म
मतदाता सूची में नए नामों को जोड़ने, हटाने या सुधारने के लिए विभिन्न फॉर्म का उपयोग किया जाएगा:
- फॉर्म 6: नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए।
- फॉर्म 6ए: प्रवासी (ओवरसीज) मतदाताओं के लिए।
- फॉर्म 7: मतदाता सूची में नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
- फॉर्म 8: पते में बदलाव, एंट्री में सुधार, फोटो बदलने या दिव्यांगता चिह्नित करने के लिए।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर सामान्यतः 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। जरूरत पड़ने पर नए मतदान केंद्रों का गठन किया जाएगा, खासकर ऊंची सोसायटियों या स्लम क्षेत्रों में। नागरिक वोटर सर्विस पोर्टल (voters.eci.gov.in) या ECINET App के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नए रजिस्टर्ड वोटर्स e-EPIC (डिजिटल वोटर कार्ड) भी डाउनलोड कर सकेंगे।
अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक और राजनीतिक दलों की भागीदारी
चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों (डीईओ, ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ) के ट्रांसफर पर प्रक्रिया शुरू होने से अंतिम प्रकाशन तक बिना आयोग की अनुमति के रोक लगा दी है।
आयोग ने राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें, जो बीएलओ के साथ मिलकर नाम के पुनरीक्षण में सहयोग करेंगे। मान्यता प्राप्त दलों को प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा। इस एसएसआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को मतदाता सूची में शामिल करना, एंट्री में सुधार करना और इसमें संशोधन को बेहतर बनाना है। अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव होने हैं, जिसके लिए यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है।







