Muzaffarpur Missing Girl: मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना क्षेत्र से 11 दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एक छात्रा की अब तक बरामदगी न होने से स्थानीय लोगों और परिजनों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया। पुलिस की सुस्त कार्यशैली से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश बोचहां थाना भवन के ठीक सामने सड़क पर फूट पड़ा। उग्र लोगों ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा पुरानी मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारी अपहृत छात्रा की सकुशल और जल्द बरामदगी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। सड़क जाम किए जाने के कारण एनएच पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। दोनों ओर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को घंटों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप
हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही बोचहां थानाध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा और सहायक थानाध्यक्ष राजेश सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय पैक्स अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना तथा समाजसेवी रमेश राय के सहयोग से आक्रोशित भीड़ को शांत कराने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान अपहृत छात्रा के माता-पिता ने पुलिसिया कार्रवाई की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
रोते-बिलखते परिजनों ने आरोप लगाया, ‘अपहरण की घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में नामजद अपहर्ता के परिजनों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में बिना किसी ठोस नतीजे के उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस की इस ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और हमारी बेटी की जान को लगातार खतरा बना हुआ है।’
परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
थानाध्यक्ष का दावा: मिले अहम सुराग, जल्द होगी बरामदगी
दूसरी तरफ, बोचहां थानाध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा ने मामले की सफाई देते हुए कहा कि पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि पुलिस ने अपहर्ता के माता-पिता को हिरासत में लेकर कड़ी और सघन पूछताछ की है।
थानाध्यक्ष ने दावा किया, ‘इस पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ बेहद अहम और गुप्त सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। छात्रा को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा।’
थानाध्यक्ष और स्थानीय समाजसेवियों द्वारा छात्रा की त्वरित और सुरक्षित बरामदगी का पुख्ता लिखित व मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद ही उग्र ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार हुए। लगभग घंटों चले इस बवाल के बाद मुजफ्फरपुर-दरभंगा मार्ग पर यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में छात्रा की सकुशल वापसी नहीं होती है, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।







