Patna High Court: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने Patna High Court के लिए नए मुख्य न्यायाधीश के नाम पर अपनी सहमति दे दी है। वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत जस्टिस वी. कामेश्वर राव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है, और जल्द ही उनकी नियुक्ति को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का कानूनी क्षेत्र में लंबा और शानदार अनुभव रहा है। उनका जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने साल 1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून (एलएलबी) की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में एक अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया।






कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव?
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का न्यायिक सफर काफी उपलब्धियों भरा रहा है। उन्हें जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नामित किया था। साल 2015 में वह दिल्ली हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने और मई 2025 में कर्नाटक हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का भी कार्यभार संभाला। अपने वकालत के दिनों में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में अपनी सेवाएं दी थीं। बताया गया है कि उन्होंने मुख्य रूप से सेवा, श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों में अपनी विशेष पहचान बनाई है।
कॉलेजियम की बैठक और आगे की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अहम बैठक 6 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी। इस बैठक में ही पटना हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस को लेकर अंतिम चर्चा हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कॉलेजियम ने विचार-विमर्श के बाद जस्टिस राव के नाम की अनुशंसा की है। इसके साथ ही तीन अन्य न्यायाधीशों को भी अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट की कमान सौंपने का फैसला किया गया है। कॉलेजियम की तरफ से जारी की गई सिफारिश में उनके लंबे अनुभव को मुख्य आधार बनाया गया है।
न्यायिक क्षेत्र पर प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस सिफारिश को अब केंद्र सरकार के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्रालय की प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रपति की संस्तुति मिलने के बाद उनकी नियुक्ति का आधिकारिक वारंट जारी होगा। इसके बाद जस्टिस राव पटना आकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। यह नियुक्ति बिहार के न्यायिक प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिससे राज्य में न्याय प्रशासन को नई दिशा मिलेगी।








