Muzaffarpur Nahar: मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत रक्सा स्थित वार्ड संख्या 14 में तिरहुत मुख्य नहर का उत्तरी छोर पर बना बांध रविवार की अहले सुबह करीब बीस फीट तक टूट गया। बांध टूटने के बाद नहर का पानी बड़ी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे धान की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। इस घटना के बाद किसानों में अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े तीन बजे अचानक नहर का बांध टूट गया। देखते ही देखते नहर का पानी खेतों में भरने लगा। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। हालांकि, नहर में पानी की मात्रा फिलहाल बहुत अधिक नहीं होने के कारण खेतों में जमा पानी धीरे-धीरे निकल भी रहा है। इसके बावजूद, यदि समय रहते बांध की मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।






मुजफ्फरपुर: 20 फीट टूटा तिरहुत नहर का बांध, धान की लाखों की फसल पर संकट, प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार
Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में किसानों पर बड़ा संकट आ गया है। मड़वन प्रखंड अंतर्गत रक्सा के वार्ड संख्या 14 में तिरहुत मुख्य नहर का उत्तरी बांध अचानक करीब बीस फीट तक टूट गया। रविवार की सुबह हुई इस घटना के बाद नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे धान की लगी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। इस अप्रत्याशित घटना से किसानों में भारी चिंता है और वे तत्काल सरकारी मदद की गुहार लगा रहे हैं।
20 फीट फटा नहर का बांध, खेतों में फैला पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना रविवार की सुबह लगभग साढ़े तीन बजे घटी। बांध टूटने के साथ ही नहर का पानी बेकाबू होकर खेतों की ओर बहने लगा। किसानों ने तुरंत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। फिलहाल, नहर में पानी का स्तर बहुत अधिक नहीं होने के कारण खेतों में जमा पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, लेकिन अगर समय पर मरम्मत नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
“अभी तक नहर का पानी किसी भी घर तक नहीं पहुंचा है। लेकिन, बांध करीब बीस फीट तक टूट जाने के कारण पानी का बहाव लगातार जारी रहा तो आसपास के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ बड़े क्षेत्र में लगी धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसान पहले ही धान की रोपनी कर चुके हैं। ऐसे में खेतों में पानी का अनियंत्रित प्रवेश उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है, जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।
किसानों ने जिलाधिकारी से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पूर्व मुखिया इंदल साह ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित कर टूटे हुए बांध की अविलंब मरम्मत करवाने और नहर के पानी के बहाव को नियंत्रित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द मौके पर एक टीम भेजने, स्थिति का जायजा लेने और बांध को दुरुस्त कराने की अपील की है, ताकि किसानों को होने वाले संभावित बड़े नुकसान से बचाया जा सके। इस घटना के बाद से क्षेत्र के किसानों में भय और आक्रोश का माहौल है।
लाखों का नुकसान, गहराया किसानों का संकट
ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा, ‘फिलहाल नहर का पानी आसपास स्थित किसी भी घर तक नहीं पहुंचा है। लेकिन बांध करीब बीस फीट तक टूट जाने के कारण लगातार पानी का बहाव जारी रहा तो आसपास के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ बड़े क्षेत्र में लगी धान की फसल प्रभावित हो सकती है।’ उन्होंने आगे कहा कि किसान पहले ही धान की रोपनी कर चुके हैं और इस समय खेतों में पानी का अनियंत्रित प्रवेश फसल के लिए पूरी तरह नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इस घटना से किसानों को लाखों के नुकसान का अंदेशा है। उनकी मेहनत पर पानी फिरने से उनका संकट गहरा गया है। धान की फसल जो कटाई के करीब थी, अब पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर है।
प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग
किसानों और स्थानीय लोगों ने मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए टूटे बांध की अविलंब मरम्मत कराने और नहर के पानी के बहाव को नियंत्रित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द मौके पर टीम भेजकर स्थिति का जायजा लेने और बांध को दुरुस्त कराने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को होने वाले संभावित बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द ध्यान देगा और किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा ताकि उनकी मेहनत और निवेश बर्बाद न हो।








