Bihar Multi-Modal Hub: अब पटना के जीपीओ गोलंबर स्थित मल्टी मॉडल हब में वाहन पार्क करना मुफ्त नहीं होगा। अक्टूबर से यहां गाड़ियों की पार्किंग के लिए शुल्क देना पड़ेगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस सुविधा के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शहर में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ मो. शमशाद ने बताया कि पार्किंग शुल्क की दरें अभी तय नहीं हुई हैं। इन दरों को निर्धारित करने के लिए पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर लागू पार्किंग शुल्कों का गहन अध्ययन किया जा रहा है। इसी अध्ययन के आधार पर मल्टी मॉडल हब के लिए अंतिम दरें तय की जाएंगी।
एक साथ पार्क होंगी 225 कारें और 96 बाइक
मल्टी मॉडल हब में पार्किंग के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था की गई है। ग्राउंड फ्लोर पर 6 कार और 32 बसें खड़ी की जा सकेंगी। पहली मंजिल पर 67, दूसरी मंजिल पर 76 और तीसरी मंजिल पर भी 76 कारों की पार्किंग क्षमता है। इस तरह, परिसर में एक साथ कुल 225 कारें पार्क करने की सुविधा मिलेगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। परिसर में रोटरी तकनीक आधारित पार्किंग तैयार की जाएगी, जिसमें एक साथ 96 बाइक खड़ी हो सकेंगी। पटना स्मार्ट सिटी की योजना है कि शहर में ऐसे तीन स्थानों पर रोटरी पार्किंग बनाई जाए।
स्मार्ट पार्किंग सिस्टम से मिलेगी सुविधा
वाहनों के हब में प्रवेश करते ही टिकट काउंटर के माध्यम से यूजर चार्ज लिया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह स्मार्ट बनाने के लिए अत्याधुनिक स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है। इस सिस्टम में वाहन के बूम बैरियर के पास पहुंचते ही सेंसर उसे डिटेक्ट करेगा। इसके बाद एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे से वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होगी और स्वचालित तरीके से टिकट जनरेट हो जाएगा। टिकट बनने के बाद बूम बैरियर अपने आप खुल जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया बेहद सुगम हो जाएगी।
‘पार्किंग शुल्क तय करने के लिए पटना जंक्शन, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख स्थानों पर लागू पार्किंग दरों का अध्ययन किया जा रहा है. इसके आधार पर मल्टी मॉडल हब के लिए दर निर्धारित की जाएगी.’ – मो. शमशाद, सीईओ, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड।
रोज आने-जाने वालों के लिए मंथली पास
जो लोग मल्टी मॉडल हब में नियमित रूप से अपने वाहन पार्क करते हैं, उनके लिए मंथली पास की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे रोज आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें बार-बार शुल्क भुगतान की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इस व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण होने वाले ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
निजी एजेंसी संभालेगी संचालन की कमान
मल्टी मॉडल हब और 440 मीटर लंबे सब-वे के संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 19 सितंबर को हुई टेंडर कमेटी की बैठक में चार एजेंसियों को योग्य पाया गया है। इन एजेंसियों को लेकर 22 सितंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी और सबसे उपयुक्त एजेंसी का चयन किया जाएगा। निजी एजेंसी को केवल पार्किंग और परिसर का ही नहीं, बल्कि 440 मीटर लंबे सब-वे का संचालन और रखरखाव भी सुनिश्चित करना होगा।
रेस्तरां, दुकानें और ईवी चार्जिंग जैसी सुविधाएं
मल्टी मॉडल हब परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह तैयार की गई है। यहां 4763 वर्ग फुट का एक बड़ा रेस्तरां, हब में पांच दुकानें और सब-वे में छह दुकानें बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, बैंकिंग सुविधाओं के लिए एटीएम स्पेस और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे यात्रियों और आगंतुकों को कई तरह की सहूलियतें मिलेंगी। मल्टी मॉडल हब पिछले 16 महीने से तैयार है और अब इसके व्यवस्थित संचालन का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।







