Russia US China Meeting: दुनिया की तीन बड़ी महाशक्तियों रूस, अमेरिका और चीन के बीच एक बहुप्रतीक्षित त्रिपक्षीय बैठक की सैद्धांतिक संभावना को तीनों देशों ने स्वीकार किया है। यह अहम जानकारी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को दी। इस घोषणा से वैश्विक कूटनीति में एक नई हलचल पैदा हो गई है, हालांकि अभी तक बैठक के एजेंडे या तारीखों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पहले भी की थी वकालत
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को दिए बयान में उन्होंने कहा कि, बैठक या इसके संभावित एजेंडे को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट समझ नहीं बनी है। इसके बावजूद, तीनों पक्ष इस तरह की बैठक होने की सैद्धांतिक संभावना को मानते हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि पर्दे के पीछे उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत जारी है, जो भविष्य में एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक बहुत फायदेमंद होगी।
अक्टूबर की शुरुआत में, पेस्कोव ने स्वयं इस विचार का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक बेहद फायदेमंद साबित होगी। यह सुझाव अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि तीनों देशों ने इस संभावना को स्वीकार कर लिया है।
एपेक शिखर सम्मेलन में हो सकती है मुलाकात
आगामी एपेक शिखर सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को चीन के शेंजेन शहर में आयोजित होने वाला है। कूटनीतिक गलियारों में अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सम्मेलन तीनों नेताओं के लिए एक साथ आने का आदर्श मंच बन सकता है। यदि यह बैठक होती है, तो यह वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डालेगी, जिससे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और संभावित समाधानों की उम्मीद बढ़ जाएगी।







