Bihar Cousin Marriage: समस्तीपुर में प्रेम विवाह करने वाले एक नाबालिग चचेरे भाई-बहन को क्रूर तालिबानी सजा मिली है। ग्रामीणों ने दोनों का सिर मुंडवाकर, कालिख और चूना लगाकर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, उन्हें गांव से भी बाहर निकाल दिया गया। यह घटना बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र की है, जहां इस तरह के फरमान से समाज में हड़कंप मच गया है।
सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचे प्रेमी जोड़े ने अपनी आपबीती सुनाई। लड़की आंचल (बदला हुआ नाम) ने कहा कि वे अब साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे। यह घटना सामाजिक मर्यादाओं की आड़ में की गई हिंसा और अमानवीयता का एक बड़ा उदाहरण है, जिसमें नाबालिगों को निशाना बनाया गया।






नाबालिग जोड़े ने कैसे किया प्रेम विवाह?
जानकारी के अनुसार, लड़का कमलेश (बदला हुआ नाम) और लड़की आंचल (बदला हुआ नाम) चचेरे भाई-बहन हैं। दोनों एक ही आंगन में रहते थे और बचपन से साथ पले-बढ़े। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे एक-दूसरे से प्यार करने लगे। लगभग आठ महीने पहले, जब परिवार को उनके आपत्तिजनक स्थिति में होने का पता चला, तो ग्रामीणों को भी इस प्रेम संबंध की जानकारी हुई। परिवार ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों नहीं माने। इसके बाद, दोनों घर से भाग गए और रांची में शादी कर ली।
पंचायत का तालिबानी फरमान और बेरहमी
परिवार वालों ने कुछ दिन पहले दोनों को घर बुलाया और समझाने का प्रयास किया। 22 तारीख की रात को वे वापस लौटे। जब परिवार उन्हें संबंध खत्म करने के लिए राजी नहीं कर पाया, तो गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में कमलेश और आंचल से एक-एक करके उनकी मर्जी पूछी गई। दोनों ने एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताने की बात दोहराई। इससे नाराज होकर दोनों परिवारों और ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें बेरहमी से पीटा। उनका सिर मुंडवा दिया गया और सिर पर कालिख व चूना लगा दिया गया। इसके बाद, उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया।
लड़की आंचल ने बताया, ‘पंचायत में मुझसे पूछा गया कि मैं किसके साथ रहूंगी, माता-पिता के साथ या लड़के के साथ। जिस पर मैंने युवक कमलेश के साथ ही रहने की बात बताई। इसके बाद मेरे माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर मेरी बेरहमी से पिटाई की। बाल काट दिए और सिर में चूना लगाकर धक्के मार-मार कर गांव से बाहर निकाल दिया। अब हम दोनों साथ जिएंगे और साथ मरेंगे।’
पुलिस कर रही मामले की जांच, बयान का इंतजार
पिटाई के बाद दर्द से कराहते हुए दोनों प्रेमी सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। हालांकि, लोगों की भीड़ जुटने पर वे अस्पताल से चले गए। बताया गया है कि दोनों की उम्र 16-17 साल के करीब है, यानी वे नाबालिग हैं। समस्तीपुर के पूसा थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने एक पुलिस पदाधिकारी को गांव भेजा था, लेकिन किसी ने भी कुछ नहीं बताया। इसके बाद, पुलिस टीम को सदर अस्पताल भेजा गया है, जहां प्रेमी युगल को तलाशा जा रहा है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित का बयान मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
यह घटना समाज में ऑनर किलिंग और सामाजिक दबाव के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जहां प्रेम करने वाले नाबालिगों को अमानवीय सजा दी गई। पुलिस की कार्रवाई इस मामले में न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण होगी।








