Bihar Teacher Recruitment: शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को 25 जुलाई तक अधिसूचना भेजने का अंतिम निर्देश दिया है। यह फैसला बीते मंगलवार यानी 7 जुलाई को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जहाँ शिक्षा मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। जनता से प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें और विभाग में टीम वर्क की संस्कृति को मजबूत करें। – शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
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मिथिलेश तिवारी ने बैठक में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई अन्य अहम बिंदुओं पर भी चर्चा की और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
TRE-4 पर आया सबसे बड़ा अपडेट! शिक्षा मंत्री ने BPSC को दिया ये कड़ा निर्देश, जानें कब आएगी अधिसूचना
Bihar TRE-4 Notification: बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को 25 जुलाई तक TRE-4 की अधिसूचना भेजने का सीधा निर्देश दिया है। यह फैसला बीते मंगलवार, 7 जुलाई को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया।
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने TRE-4 की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग के सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। जनता से प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने और विभाग में टीम वर्क की संस्कृति को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
दूसरी ओर अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं – शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
मॉडल स्कूलों पर विशेष ध्यान और बिहार TRE-4 की तैयारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में TRE-4 के अलावा मॉडल स्कूल और स्थानांतरण नीति पर भी गहन चर्चा हुई। राज्य के सभी प्रखंडों में खोले जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति संतोषजनक बताई गई, जहां अबतक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। मंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और इस विषय पर अगले सोमवार को एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है।
बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने, मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने और विद्यालयों में शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बीईओ और डीईओ को खास निर्देश देते हुए कहा कि:
सभी बीईओ और डीईओ हर महीने एक दिन गांव में रहकर अभिभावकों से संवाद करेंगे और विद्यालयों से संबंधित फीडबैक प्राप्त करेंगे।
बिहार के लिए बनेगी समग्र कोचिंग नीति, होगी कड़ी कार्रवाई
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार के छात्रों के लिए एक समग्र कोचिंग नीति तैयार करने का भी निर्देश दिया है। इसके लिए कोटा, सीकर और अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, अपार आईडी निर्माण के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे विद्यालयों को दी जाने वाली राशि रोकने का भी निर्देश दिया गया है।
ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था को दुरुस्त करने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने और केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इन सभी निर्णयों से बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की उम्मीद है, जिसमें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का तेजी से आगे बढ़ना भी शामिल है।
फोकस: शिक्षा विभाग में तेजी और पारदर्शिता
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि सभी विभागीय कार्यों को तय समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। जनता से मिलने वाले आवेदनों का निपटारा अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विभाग में सामूहिक कार्य संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हाल ही में शिक्षा विभाग की एक बड़ी बैठक बुलाई थी, जिसमें भर्ती के नोटिफिकेशन पर विशेष चर्चा हुई थी।
मॉडल स्कूल और कोचिंग नीति पर विशेष जोर
राज्य भर में खोले जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि अबतक इन स्कूलों में चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। मंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का गहराई से अध्ययन करने और इस विषय पर अगले सोमवार को एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, कोटा, सीकर और अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था का विश्लेषण कर बिहार के लिए एक व्यापक कोचिंग नीति तैयार करने का निर्देश भी दिया गया। अपार आईडी निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें मिलने वाली राशि रोकने का आदेश भी दिया गया है।
बीईओ और डीईओ को अभिभावकों से संवाद का निर्देश
बैठक के दौरान सिमुलतला आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने और मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को हर महीने एक दिन गांव में जाकर अभिभावकों से सीधा संवाद करने और विद्यालयों से संबंधित प्रतिक्रिया प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। इससे जमीनी स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था को दुरुस्त करने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने और केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया गया। ये सभी कदम बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।













