बिहार में इस महीने राजस्व विभाग की लगातार कार्रवाई में लगभग दर्जन भर अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। कई अफसरों को निलंबित किया गया है, जबकि कई अधिकारियों को निंदन की सजा दी गई है।
जो ताजा जानकारी मिली है उसके मुताबिक, सरकार ने चलाधिकारियों को निलंबित किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। बेगूसराय के बछवाड़ा और बक्सर के सिमरी अंचल के सीओ को सस्पेंड किया गया है।
किशनगंज जिला के दीघलबैंक की अंचलाधिकारी श्वेता राज को सस्पेंड किया गया है। इसी तरह बक्सर के सिमरी के सीओ अनिल कुमार और बेगूसराय जिला के बछवाड़ा की सीओ नेहा कुमारी को भी निलंबित किया गया है। इनके ऊपर काम में लापरवाही बरतने और अपनी मर्जी से काम करने का आरोप है।
बछवारा अंचल अंचलाधिकारी नेहा कुमारी को बछवाड़ा अंचल में झमटियाघाट मेला के सैरात बंदोबस्ती में गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता का आरोप पाया गया। गंभीर आरोपों के आलोक में प्राधिकार ने नेहा कुमारी को निलंबित करने का निर्णय लिया।
इसके बाद विभाग ने निलंबित कर दिया है। वहीं, बक्सर डीएम की रिपोर्ट पर सिमरी अंचल के अंचलाधिकारी अनिल कुमार को भी कार्य में रूचि नहीं लेने, न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
समस्तीपुर जिला के सिंघिया के तत्कालीन सीओ संतोष कुमार और कल्याणपुर के सीओ अभय पद दास के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। इनके ऊपर भी गंभीर आरोप लगे हैं. कटैया के तत्कालीन सहायक चकबंदी पदाधिकारी देवराज स्वामी कार्तिकेय के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।
गोपालगंज जिले के कुचायकोट के तत्कालीन सीओ चौधरी राम के रिटायरमेंट के बाद उनके खिलाफ पहले से चल रही विभागीय कार्यवाही को पेंशन से जोड़ा दिया गया है।
पटना सदर के वर्तमान सीओ जितेंद्र कुमार पांडेय को निंदन की सजा मिली है। इनके ऊपर आरोप है कि इन्होंने आदापुर में सीओ रहने के दौरान बिना अतिक्रमण हटाए अतिक्रमण मुक्ति की रिपोर्ट दे दी थी।
दरभंगा जिला के बहेड़ी के तत्कालीन सीओ विमल कुमार कर्ण पर आरोप लगा कि उन्होंने लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत पारित 9 आदेशों को लागू नहीं किया है।

















