Economic Growth: भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच, जहाँ बड़े और स्थापित राज्य अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में भारत में सबसे तेज़ आर्थिक विकास दर्ज करने वाला राज्य कोई और नहीं, बल्कि असम है, जिसने देश की आर्थिक वृद्धि में एक नया अध्याय जोड़ा है।
# असम का अभूतपूर्व आर्थिक विकास: देश की आर्थिक वृद्धि में एक नया अध्याय
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की एक ताजा रिपोर्ट ने देश की आर्थिक तस्वीर में एक महत्वपूर्ण बदलाव को उजागर किया है। पारंपरिक रूप से विकसित राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक को आर्थिक इंजन माना जाता रहा है, लेकिन अब पूर्वोत्तर का राज्य असम पिछले पांच सालों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। यह न केवल पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बल्कि पूरे देश के आर्थिक विस्तार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
## असम के आर्थिक विकास की कहानी: नए भारत की तस्वीर
RBI के स्थिर कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2020 से 2025 के बीच असम की अर्थव्यवस्था में 45 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर देश के समग्र आर्थिक विकास से भी काफी अधिक है, जिसने इसी अवधि में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी। असम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2020 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस असाधारण प्रदर्शन का श्रेय कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति, तेल व गैस उत्पादन में वृद्धि और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के निवेश में आई तेजी को दिया जा सकता है। यह दर्शाता है कि अब आर्थिक विस्तार केवल कुछ ही स्थापित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि नए भौगोलिक क्षेत्रों में भी फैल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राष्ट्रीय स्तर पर, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2020 में 145.35 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 187.97 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पांच वर्षों में 29 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। RBI के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि सबसे तेजी से बढ़ने वाली शीर्ष-10 राज्य अर्थव्यवस्थाओं ने 45 प्रतिशत तक की वृद्धि हासिल की है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।
## अन्य राज्यों का आर्थिक प्रदर्शन
असम के बाद, उत्तर प्रदेश ने भी पिछले पांच वर्षों में 35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। इसका GSDP 11.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। राजस्थान ने 34 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को 6.8 लाख करोड़ रुपये से 9.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया।
बिहार और आंध्र प्रदेश दोनों ने 33 प्रतिशत की समान वृद्धि दर हासिल की। बिहार का GSDP 4.0 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.3 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आंध्र प्रदेश 6.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.7 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों ने 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था इस अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि झारखंड का GSDP 2.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.0 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, तेलंगाना ने भी 30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शीर्ष दस में जगह बनाई, जिसका GSDP 6.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.4 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक गतिविधियाँ जोर पकड़ रही हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। यह विकास राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







