पंचायत में हर घर नल का जल और गली-नाली पक्कीकरण योजना में मुखिया व पंचायत सचिव की ओर से मनमाने तरीक़े से गैरकानूनी कार्य करने की शिकायत मिलने के आलोक में जांच की तिथि निर्धारित करते हुए बीडीओ ने पंचायत सचिव अनमना देवी को जांचकर्ता के समक्ष सभी योजना अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने व अपने स्तर से मुखिया, वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सचिव की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।
जांचकर्ता की ओर से जांच के समय प्रखंड प्रमुख बसंत कुमार सिंह और पूर्व प्रखंड प्रमुख नीलम देवी को भी मौजूद रहने का अनुरोध किया गया। इसके बावजूद पंचायत सचिव ने निर्धारित तिथि को जांचकर्ता को योजना से जुड़ा एक भी अभिलेख नहीं सौंपा। बड़ी ढीठता के साथ पंचायत सचिव के पति सह सेवानिवृत्त शिक्षक ने जांच टीम से कहा,पंचायत से जुड़ा सभी अभिलेख शहर स्थित उनके आवास पर ही रहता है। वैसे यह भी दृषिटगोचर हुआ है कि प्रखंड कार्यालय हो या पंचायत भवन, पंचायत सचिव का शत-प्रतिशत काम उनके पति ही करते हैं।
हनुमाननगर, देशज टाइम्स। स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम में भारी घोटाले की आशंका से स्थानीय प्रशासन हरकत में है। रामपुरडीह पंचायत में सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत संचालित हर घर नल का जल व गली-नाली पक्कीकरण योजना में करोड़ों रुपए की राशि गबन करने की बात सामने आते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह फ्रंट फुट पर है। कारण, सीएम के इस महत्वाकांक्षी योजना में कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार की बात सामने आते ही बीडीओ सुधीर कुमार ने जांच व कार्रवाई की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों पर गाज गिरनी तय है। ऐसे कोई भी भ्रष्टाचारी अब बख्शे नहीं जाएंगे। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए हनुमाननगर प्रखंड के बीडीओ ने भी पूरी तैयारी कर ली है। बीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायत सुपरवाइजर की जांच में रामपुरडीह पंचायत में सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत संचालित” हर घर नल का जल” व गली-नाली पक्कीकरण योजना में करोड़ों रुपए की राशि गबन करने का मामला उजागर हुआ है।
जांच में यह साफ-साफ परिलक्षित हुआ कि योजना के क्रियान्वयन में पंचायत के मुखिया ललन महतो, पंचायत सचिव अनमना देवी, संबंधित वार्ड के वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सचिव तथा कार्य ऐजेंसी की मिली भगत से बिना प्राक्कलन दिखाए, बिना मापी पुस्तिका बुक कराए व पंचायत के वार्ड दस के बर्खास्त पूर्व डब्ल्यूआईएमसी सचिव मंजू रानी के हस्ताक्षर से निर्गत चेक से बिना काम किए ही योजना की राशि की निकासी कर सरकारी राशि गटक लिया है। जांच के क्रम में पाया गया कि पंचायत के मुखिया ने पंचायत सचिव, वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति पर दबाव डालकर कार्य एजेंसी के नाम चेक कटवाकर बिना कार्य पूरा कराए हीं कमीशन के रुप में सरकारी राशि हजम कर लिया है।पंचायत के वार्ड संख्या 7,9 और 10 में वर्ष 2016-17 की मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना अभी तक अपूर्ण है।जबकि राशि का बन्दरबांट कर लिया गया है।नए सिरे से चालू वर्ष में वार्ड 1,2,11और 13 में हर घर नल का जल योजना शुरु की गई है। इन वार्डों के लिए भी नियमों को ताक पर रखकर योजना के लिए आवंटित राशि बिना कार्य पूरा किए ही निकासी कर ली गई है।पंचायत के एक भी वार्ड में मानक के अनुरूप काम नहींं किया गया है।
यही नहीं, इस प्रकार की अनियमितता के लिए प्राथमिकी दर्ज करना भी अनिवार्य बताया गया है। वार्डों का कार्य मुखिया,वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति को अपने प्रभाव में लेकर स्वंय अपने एजेंसी से आधा अधूरा काम करवाकर गैरकानूनी ढंग से रुपये की निकासी कर ली गई है।जांचकर्ता ने अपने जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि मानक के विपरीत, बिना काम पूरा किए व बिना अभिलेख संधारित किए ही सरकारी राशि के गबन करने वाले मुखिया,पंचायत सचिव, वार्ड क्रियान्वयन व प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सचिव और कार्य ऐजेंसी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराना आवश्यक है। ग्राम पंचायत सुपरवाइजर ने बीडीओ से उच्चस्तरीय कमिटी गठित कर पंचायत की सभी योजनाओं की जांच कराने की अनुशंसा किया है।जांचकर्ता ने जांच प्रतिवेदन बीडीओ को समर्पित करते हुए इसकी प्रतिलिपि प्रखंड प्रमुख ,पूर्व प्रखंड प्रमुख और जिला पंचायती राज पदाधिकारी दरभंगा को समर्पित किया है।
गबन के आरोपी जल्द आएंगें जद में, होगी एफआईआर
हद यह, जांच में सरकारी योजना की राशि का गबन के लिए दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा और पंचायत के संपूर्ण योजनाओं का उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने की अनुशंसा जांचकर्ता ने इस महीनें की बीस तारीख को ही बीडीओ से की, लेकिन अनियमितता और सरकारी योजना की राशि गबन किए जाने जैसे संगीन अपराध पर जांच प्रतिवेदन समर्पित किये जाने के 9 दिन बाद भी दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की। अब देखना दिलचस्प होगा कि गबन की अधिकृत जानकारी रहते हुए भी मौजूदा प्रखंड प्रमुख बसंत कुमार कब तक मौन धारण रखते हैं या जल्द से जल्द भ्रष्ट अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर कोई कार्रवाई की सोचते हैं।देशज टाइम्स की ओर से पूछे जाने पर बीडीओ सुधीर कुमार ने जीपीएस का जांच प्रतिवेदन का अवलोकन कर दोषी जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।


जांचकर्ता की ओर से जांच के समय प्रखंड प्रमुख बसंत कुमार सिंह और पूर्व प्रखंड प्रमुख नीलम देवी को भी मौजूद रहने का अनुरोध किया गया। इसके बावजूद पंचायत सचिव ने निर्धारित तिथि को जांचकर्ता को योजना से जुड़ा एक भी अभिलेख नहीं सौंपा। बड़ी ढीठता के साथ पंचायत सचिव के पति सह सेवानिवृत्त शिक्षक ने जांच टीम से कहा,पंचायत से जुड़ा सभी अभिलेख शहर स्थित उनके आवास पर ही रहता है। वैसे यह भी दृषिटगोचर हुआ है कि प्रखंड कार्यालय हो या पंचायत भवन, पंचायत सचिव का शत-प्रतिशत काम उनके पति ही करते हैं।





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