जन वितरण प्रणाली के माध्यम से अब सभी लोगों को पोषण युक्त (पोर्ट्टीफाइड) चावल मिलेगा। बिहार ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। साथ ही देश के अन्य राज्यों को भी गड़बड़ी रोकने के लिए यह मॉडल अपनाना पड़ेगा। इससे बाजार में जाने पर तुरंत ही पता चल जाएगा, खरीदने वाले पर कार्रवाई होगी।
अभी पोषण और पोषाहार आदि में पोषण युक्त चावल का उपयोग किया जा रहा है। अब डीलर के माध्यम से भी सभी लोगों को इसकी सप्लाई होगी। अच्छे क्वालिटी का और पोषण युक्त रहने के कारण सभी लोग खाएंगे, इससे कालाबाजारी भी रुकेगा और गरीब कल्याण का हर जिला मॉडल बनेगा।






राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के सभी प्रावधान को लागू करने में बिहार सातवें स्थान पर है। जब मुख्यमंत्री सब कुछ दे रहे हैं तो सभी सुविधा का लाभ लाभुकों को सही समय पर पहुंचाना है।
यह बात बिहार राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने गुरुवार को बेगूसराय सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कही। विद्यानंद विकल ने कहा कि अब सभी आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल एवं डीलर का ग्रेडेशन होगा, इसके संबंधित अधिकारियों का भी ग्रेडेशन होगा, अच्छे करने वाले को सम्मानित किया जाएगा।
31 जुलाई तक यह कार्य पूरा कर रिपोर्ट भेज देने के बाद इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। सभी जिला में लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुख्यमंत्री द्वारा पोषण पोषाहार स्कीम की समीक्षा की गई है।
बिहार के आठ करोड़ 75 लाख से राशन कार्ड धारी को पांच-पांच किलो सस्ता अनाज एवं पांच-पांच किलो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का अनाज दिया जा रहा है। जन वितरण प्रणाली के रिक्त पदों को जल्दी भर दिया जाएगा। पीएम पोषण योजना 1489 स्कूलों में चल रहा है, विद्यालय से बाहर के बच्चों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।








