उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की एकजुटता को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने तगड़ा झटका दिया है। पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि 2024 में लोग भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि बंगाल के हर गांव में भाजपा हटाओ देश बचाओ का नारा गूंजना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2024 में आम जनता की सरकार बनेगी। पढ़िए पूरी खबर
दरअसल, 21 जुलाई को शहीद दिवस कार्यक्रम के बाद कोलकाता में पार्टी के संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें लोकसभा में पार्टी के नेता सुदीप बनर्जी सहित अन्य सांसद उपस्थित थे। पार्टी के पदाधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल कांग्रेस उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।






उन्होंने कहा कि जिस तरह से संसद के दोनों सदनों में 35 सांसदों वाली तृणमूल कांग्रेस को दरकिनार कर विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन किया है, वह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को तृणमूल कांग्रेस के समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता। इसलिए पार्टी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पर 17 विपक्षी दलों ने बैठक कर कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया था। इस बैठक में भी तृणमूल कांग्रेस मौजूद नहीं थी। अल्वा के नामांकन में भी तृणमूल का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। हालांकि एक दिन पहले तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस बात के संकेत दिए थे कि उनकी पार्टी जगदीप धनखड़ का समर्थन कर सकती है।
उपराष्ट्रपति चुनाव में अपने उम्मीदवार की जिताने के लिए भाजपानीत एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त संख्या बल है। वाईएसआर कांग्रेस, बीजेडी, अन्नाद्रमुक आदि ने भी जगदीप धनखड़ के समर्थन की घोषणा पहले ही कर दी है। मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करने के साथ ही शरद पवार ने दावा किया था कि विपक्ष एकजुट है लेकिन तृणमूल कांग्रेस का गुरुवार को लिया गया फैसला विपक्षी एकजुटता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कोरोना हालात के बाद शहीद दिवस कार्यक्रम में संबोधन करते हुए ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक आदर्शवादी पार्टी है और देश में प्रजातांत्रिक विकास में हमेशा मददगार साबित होगी। ममता ने केंद्र की सरकार पर केंद्रीय एजेंसी सीबीआई और इनकम टैक्स के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम सिर झुकाने वाले नहीं हैं। उन्हें सत्ता से हटाकर दम लेंगे।
केंद्र पर पश्चिम बंगाल में 100 दिनों के रोजगार योजना का धन नहीं देने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि गरीब लोग पिछले सात महीने से मनरेगा में काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें पैसे मिल नहीं रहा। आखिर केंद्र को किसने अधिकार दिया कि राज्य की योजना के लिए पैसे रोकें। वे चुनाव में हार गए हैं इसलिए हमें दबाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफल नहीं होंगे।
ममता ने यह भी चेतावनी दी कि अगर 100 दिनों के रोजगार योजना का पैसा केंद्र सरकार नहीं देती है तो दिल्ली जाकर
घेराव करेंगे। उन्होंने खाने के सामान, अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सामान और चिकित्सा संबंधी चीजों पर जीएसटी बढ़ने को लेकर केंद्र पर तीखा हमला बोला। ममता ने कहा कि अगर लोग मर जाएं तो उस पर कितना जीएसटी देना होगा, यह भी बता दो।
उन्होंने बीरभूम में शुरू हो रहे देवचा पचामी कोयला खदान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में रोजगार होगा। इसके अलावा ताजपुर बंदरगाह, नई सिलिकॉन वैली जैसी रोजगार परक योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि बंगाल में बेरोजगारी दर पूरे देश के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि देवचा पचामी में इतना बड़ा कोयला खदान है कि आने वाले 50 सालों तक देश को कोयले की चिंता नहीं करनी होगी। ममता ने यह भी कहा कि तृणमूल की सरकार ने लोगों को बिना मूल्य राशन दिया है।
ममता ने 17 हजार शिक्षकों को नौकरी देने की घोषणा एक बार फिर करते हुए कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए तैयार बैठी है लेकिन न्यायालय में मामले होने की वजह से ऐसा हो नहीं पा रहा है। उन्होंने मां-माटी-मानुष की जय कार लगाई है और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक तौर पर पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए मिलजुल कर काम करना होगा।
पश्चिम बंगाल में शहीद दिवस पर आयोजित रैली में तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र पर बंगाल सरकार को गिराने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने केन्द्र सरकार की अग्निपथ योजना पर भी सवाल उठाए।
गुरुवार को बारिश के बावजूद राज्यभर से कोलकाता के धर्मतल्ला में जुटे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सभी गैर भाजपा शाषित राज्य सरकारों को गिराने का प्रयास कर रही है। महाराष्ट्र के बाद अब पश्चिम बंगाल की सरकार को भी गिराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में भाजपा को केंद्र की सत्ता से जनता गिरा देगी।
अग्निपथ योजना पर सवाल
उन्होंने भारतीय सेना में नौकरी के लिए नवघोषित अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान भाजपानीत केन्द्र सरकार ने अपने शासन के दौरान लाखों नौकरियां खत्म की है। अब आर्मी में भर्ती के लिए नई योजना आई है “अग्निपथ”। मैं कहती हूं कि आर्मी का कोई विकल्प नहीं होता। आर्मी तो आर्मी होती है। उसके बदले दूसरा विकल्प क्यों ढूंढा जा रहा है? ममता ने कहा कि लोग हमारी सरकार की भर्ती प्रक्रिया में खामियां ढूंढते हैं लेकिन रेलवे और केंद्र सरकार के अन्य विभागों में हो रही भर्तियों के बारे में कुछ नहीं कहते।
डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमतों को लेकर भी ममता ने सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज भारत के इतिहास में रुपये की कीमत सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने बंगाल के पसंदीदा भुना हुआ मूढ़ी पर जीएसटी लगाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब यहां मूढ़ी पर भी जीएसटी लगा दिया गया है। मिठाई, लस्सी, दही पर भी जीएसटी लगी है। लोग क्या खाएंगे? मरीज के अस्पताल में भर्ती होने पर भी जीएसटी। उन्होंने केंद्र पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि अब क्या मरने पर भी जीएसटी लगेगी।
ममता ने केंद्र की सरकार पर केंद्रीय एजेंसी सीबीआई और इनकम टैक्स के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम सिर झुकाने वाले नहीं हैं। उन्हें सत्ता से हटाकर दम लेंगे। ममता ने यह भी चेतावनी दी कि अगर 100 दिनों के रोजगार योजना का पैसा केंद्र सरकार नहीं देती है तो दिल्ली जाकर घेराव करेंगे।
उन्होंने बीरभूम में शुरू हो रहे देवचा पचामी कोयला खदान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में रोजगार होगा। इसके अलावा ताजपुर बंदरगाह, नई सिलिकॉन वैली जैसी रोजगार परक योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि बंगाल में बेरोजगारी दर पूरे देश के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि देवचा पचामी में इतना बड़ा कोयला खदान है कि आने वाले 50 सालों तक देश को कोयले की चिंता नहीं करनी होगी।
17 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का वादा
ममता ने 17 हजार शिक्षकों को नौकरी देने की घोषणा एक बार फिर करते हुए कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए तैयार बैठी है लेकिन न्यायालय में मामले होने की वजह से ऐसा हो नहीं पा रहा है। उन्होंने मां माटी मानुष की जय कार लगाई है और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक तौर पर पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए मिलजुल कर काम करना होगा।
ममता के नेताओं ने भी भाजपा पर बोला हमला
शहीद दिवस के मंच से ममता बनर्जी के पहले संबोधन करते हुए उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमारी लड़ाई दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करने की है और हम इसमें सफल होकर रहेंगे। ममता कैबिनेट में मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि 2024 में देश की जनता केंद्र की सत्ता से भाजपा को भगा देगी। सांसद सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी ने सालों तक संघर्ष कर बंगाल में सत्ता स्थापित की है। जिस तरह से उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गजों को शिकस्त दी है उससे साफ है कि देश में भाजपा को खत्म करने की राह दिखाएंगी। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता आयरन लेडी हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान गेम चेंजर साबित होंगी।
सारा दिन ट्रैफिक में फंसे रहे लोग
शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरे राज्य से हजारों कार्यकर्ता आए थे। उत्तर कोलकाता से लेकर दक्षिण तक सड़कों पर तृणमूल कार्यकर्ताओं का जनसैलाब था जिसकी वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से थम गई थी। बसों में सवार आम यात्री तीन से तार घंटे तक फंसे रहे। लोगों ने इसका मजाक भी उड़ाया है और सोशल मीडिया पर हैप्पी बस में परेशानी दिवस के तौर पर तंज भी कसा है। दूसरी ओर बस मालिकों के संगठनों ने राज्य सरकार पर जबरदस्ती बसों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
भाजपा ने कहा तृणमूल भी होगी खत्म
भारतीय जनता पार्टी को 2024 में उखाड़ फेंकने की तृणमूल नेताओं के आह्वान पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। पार्टी के सांगठनिक महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती ने माकपा शासन के दौरान हुए बड़े कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि जब महामोर्चा खत्म हो गई तो तृणमूल भी खत्म होगी 2026 में।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान वाममोर्चा शासन में शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। इस पर पलटवार करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता और हाईकोर्ट के अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने ममता पर झूठ बोलने का आरोप लगाएं और यह भी कहा कि दम है तो जांच कर आरोप साबित करें।








