दरभंगा, देशज टाइम्स। व्यवहार न्यायालय दरभंगा के वकीलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश और पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन भेज है। ज्ञापन में मुकदमें के पक्षकारों को दरभंगा में त्वरित सुलभ न्याय देने की मांग की गई है।
इसके लिए आभासी उच्च न्यायालय दरभंगा में खोलने की मांग ज्ञापन में करते हुए दरभंगा के वकीलों ने इसे अतिआवश्यक और लोगों को त्वरित न्याय की जरूरत के लिए जरूरी बताया है।






ओड़िसा उच्च न्यायालय ने बीस जिले में आभासी उच्च न्यायालय खोलने का कार्य किया है।इससे वहां के न्याय अतिथियों को अपने जिला में ही उच्च न्यायालय का कार्य सुलभता पूर्वक हो रहा है। एक अप्रैल 1912से 31 मार्च 1936 तक उड़ीसा क्षेत्र भी बिहार एंड उड़ीसा प्रांत में ही था।
दरभंगा के न्याय अतिथियों की पहुंच हाईकोर्ट तक हो, इसके लिए आभासी उच्च न्यायालय (वर्चुअल कोर्ट) संचालित किये जाने की मांग समीचीन है। सबको कम खर्च पर सर्वसुलभ समान न्याय मिले। इससे धन के अभाव में न्याय पाने से कोई भी न्याय अतिथि वंचित न हो।
यही भारतीय संविधान की अवधारणा है। इसके लिए आवश्यक है कि ,व्यवहार न्यायालय दरभंगा में आभासी उच्च न्यायालय (वर्चुअल हाईकोर्ट) का संचालन किया जाय।
न्याय अतिथियों की सुविधा के लिए सोमवार को एडवोकेट फोरम फॉर वर्चूअल हाईकोर्ट की मांग उठाते हुए दरभंगा के संयोजक अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी, संयुक्त संयोजक गोविंद कुमार झा, सह संयोजक शिवशंकर झा और अनिल कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से दरभंगा बार एसोसिएशन के 116 अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर युक्त स्मारपत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश और पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को स्पीडपोस्ट के माध्यम से भेजा है।








