Bihar Politics: शनिवार, 27 जून 2026 को बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर उनसे मुलाकात की। यह भेंट लगभग 20 मिनट तक चली, जिसके बाद आरसीपी सिंह की जदयू में संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।
नीतीश कुमार से मिले पुराने ‘दुश्मन’ आरसीपी सिंह! क्या बिहार की सियासत में होगा बड़ा गेमचेंजर?
Bihar Politics: शनिवार को बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर से हलचल मच गई। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह, जिन्हें आरसीपी सिंह के नाम से जाना जाता है, ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। यह भेंट मुख्यमंत्री के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई, जिसने बिहार की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया है। दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में बातचीत चली, जिसके बाद राजनीतिक विश्लेषक और पार्टियों के अंदरूनी सूत्र विभिन्न प्रकार की चर्चाएं कर रहे हैं।






पूर्व सहयोगी की वापसी पर अटकलें तेज
आरसीपी सिंह लंबे समय तक नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते रहे हैं। साल 2020 में नीतीश कुमार की सिफारिश पर ही उन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। वह मोदी सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। हालांकि, 2022 के आसपास दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए। राज्यसभा टिकट न मिलने और अन्य मुद्दों पर बढ़ते तनाव के बाद आरसीपी सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने जेडीयू छोड़कर भाजपा का दामन थामा और नीतीश कुमार की खुलकर आलोचना भी की थी। शनिवार की यह मुलाकात इन्हीं पुराने समीकरणों के बीच हुई है।
बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर क्या होगा असर?
इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे अटकलें और भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात महज औपचारिक नहीं हो सकती। बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं और आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए आरसीपी सिंह जैसे अनुभवी और कुर्मी समुदाय से जुड़े नेता की वापसी जेडीयू के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
आरसीपी सिंह की राजनीतिक पकड़ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए, उनकी वापसी से जेडीयू को एक मजबूत चेहरा मिल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में कौन से नए समीकरण बनते हैं और इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
नीतीश कुमार से मुलाकात: क्या है इसके मायने?
आरसीपी सिंह अपने समर्थकों के साथ नीतीश कुमार के 7, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, ‘हमारे नेता नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे आत्मीय बातचीत हुई।’ आरसीपी सिंह ने अपनी पोस्ट में मुलाकात की तस्वीर भी शेयर की, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को ‘आदरणीय नीतीश बाबू’ और ‘हमारे नेता’ बताया।
“हमारे नेता नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे आत्मीय बातचीत हुई। मुलाक़ात बहुत आत्मीय रही।” – आरसीपी सिंह (X पर)
कभी थे सबसे करीबी, कैसे आई रिश्तों में दरार?
एक समय था जब आरसीपी सिंह को नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता था। वे जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद भी रहे। हालांकि, केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों में दूरियां आ गईं। बाद में आरसीपी सिंह ने जदयू छोड़ दी और अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी बनाई। लेकिन, उन्हें बिहार की राजनीति में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई।
जेडीयू में वापसी की अटकलें तेज, क्या होगा अगला कदम?
पिछले कुछ महीनों से आरसीपी सिंह लगातार सार्वजनिक मंचों से यह कहते रहे हैं कि नीतीश कुमार और उनके परिवार से उनके व्यक्तिगत रिश्ते कभी खत्म नहीं हुए। हाल ही में, वह पूर्व मुख्यमंत्री के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी नजर आए थे। इन घटनाओं के बाद से ही उनकी जदयू में वापसी की चर्चाएं चल रही थीं, जिसे शनिवार की मुलाकात ने और तेज कर दिया है।
फिलहाल, जदयू और आरसीपी सिंह, दोनों ही पक्षों की ओर से वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी नेतृत्व भी अब तक ऐसी किसी संभावना से इनकार करता रहा है। हालांकि, बिहार की राजनीति में इस मुलाकात ने नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में आरसीपी सिंह की राजनीतिक भूमिका क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।








