Bihar Teacher Transfer: बिहार सरकार ने शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित तबादले की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। शिक्षा विभाग ने पहले चरण में लगभग 27,000 शिक्षकों के तबादले की तैयारी पूरी कर ली है। इन तबादलों में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे, दिव्यांग और ऐसे शिक्षक शामिल होंगे जिनके पति या पत्नी दूसरे जिलों में कार्यरत हैं। यह फैसला शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किन शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता?
शिक्षा विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। लगभग 700 शिक्षक कैंसर से जूझ रहे हैं, जबकि लगभग 2,500 शिक्षक हृदय रोग, रीढ़ की हड्डी संबंधी बीमारियों और माइग्रेन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। इसके अतिरिक्त, 5,000 से अधिक शिक्षक दिव्यांग श्रेणी में आते हैं। मानसिक बीमारी से ग्रस्त या मानसिक रूप से बीमार परिवार के सदस्यों वाले लगभग 1,800 शिक्षक और विशेष परिस्थितियों का सामना कर रही विधवा शिक्षिकाओं को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है।






पति-पत्नी को एक जिले में लाने की पहल
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 17,000 ऐसे शिक्षक हैं जिनके पति या पत्नी किसी अन्य जिले में कार्यरत हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे पति-पत्नी को यथासंभव एक ही जिले में पोस्टिंग दी जाए। अधिकारियों ने बताया कि गंभीर बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और दिव्यांगता वाले शिक्षकों का तबादला सबसे पहले किया जाएगा। इसके बाद पति-पत्नी के एकीकरण संबंधी तबादलों पर विचार किया जाएगा। सभी पात्र श्रेणियों में महिला शिक्षकों को वरीयता मिलेगी, जबकि पुरुष शिक्षकों पर तभी विचार किया जाएगा जब पात्र महिलाओं के समायोजन के बाद भी रिक्तियां बची रहेंगी।
तबादला आदेश और पोस्टिंग लेटर एक साथ
शिक्षा विभाग ने राज्य भर के लगभग 78,000 सरकारी स्कूलों में कार्यरत 5.80 लाख प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों और शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षकों को 1 जुलाई से अपने नए स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू करना है, इसलिए विभाग ने इस प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्णय लिया है। स्वैच्छिक तबादले चाहने वाले शिक्षकों को रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर तत्काल मंजूरी मिलेगी और उनके पोस्टिंग लेटर भी साथ ही जारी किए जाएंगे, ताकि वे बिना किसी देरी के नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर सकें। गंभीर बीमारियों और दिव्यांगता वाले शिक्षकों को उनके घर के निकटतम स्थान पर पोस्टिंग देने का प्रयास किया जाएगा, जबकि अन्य शिक्षकों के तबादले विभागीय नियमों के अनुसार किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि विभाग तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी शिक्षकों के प्रदर्शन पर कड़ी निगरानी रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षण कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस तबादला प्रक्रिया से राज्य के हजारों शिक्षकों को व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस प्रक्रिया के बाद भी शिक्षकों के प्रदर्शन पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिक्षण कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि तबादले के बाद भी शिक्षण गुणवत्ता बनी रहे।








