बिहार में इन दिनों पर्वों वाला मौसम है। इसको देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। इसके तहत शांति में खलल डालने वाली आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले लोगों की पहचान और उनके पता लगाने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी तेज कर दी है।






वहीं, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नैय्यर हसनैन खान ने इसको लेकर पूरे प्रदेश के साइबर थानों और पुलिस को अलर्ट करते हुए कई निर्देश दिए हैं।
पटना स्थित ईओयू मुख्यालय में तैनात अधिकारियों की एक समर्पित टीम कृत्रिम मेधा सॉफ्टवेयर पर आधारित इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही है। हमने पिछले महीने 50 से अधिक उत्तेजक, घृणास्पद, संवेदनशील और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उन्हें या तो ब्लॉक कर दिया या फिर हटा दिया।
इसके तहत 44 साइबर पुलिस थानों और जिला पुलिस को सोशल मीडिया मंचों पर उत्तेजक, आपत्तिजनक और नफरत भरे संदेशों पर तत्काल एक्शन लेने को कहा गया है। इसकी निगरानी करने करने की हिदायत दी गई है। साथ ही, ऐसे गैरकानूनी कृत्यों में शामिल व्यक्तियों या संगठनों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए सतर्क कर दिया है।
गलत सूचनाओं और अफवाहों का प्रसार करने वाले विभिन्न मंचों की डिजिटल निगरानी की जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट को हटाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ईओयू के एडीजी ने कहा, हमने अपनी जांच के दौरान यह भी पाया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई कुछ सामग्री को नये सिरे से फिर से पोस्ट किया गया था।








