Bihar Panchayat Scheme: बिहार में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुंगेर जिले में ‘पंचायत विकास योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके तहत अब ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों का खाका तैयार करेंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों को प्रशासनिक रूप से अधिक सक्षम बनाना और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करना है।
गांवों को सशक्त बनाने की नई पहल
मुंगेर के टेटिया बंबर प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस नई व्यवस्था का अनावरण किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को समझने का सबसे बेहतर माध्यम स्वयं गांव हैं, इसलिए विकास की योजनाएं भी स्थानीय स्तर पर ही बननी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जब पंचायतें मजबूत होंगी, तभी गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।






इस अवसर पर राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री संजय पासवान, सांसद अरुण भारती, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार, स्थानीय विधायक कुमार प्रणय और विधान परिषद सदस्य लालमोहन गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने योजना का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब विकास की वार्षिक कार्ययोजना ग्राम सभाओं में तैयार होगी। पंचायतें अपने क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकताएं तय कर सकेंगी, जिससे योजनाओं के चयन में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और जरूरत के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल सकेगी।
इन 8 क्षेत्रों पर होगा विशेष ध्यान
नई पंचायत विकास योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को आठ प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में समन्वित कार्य होने से ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा। ये प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना
- ग्रामीण सड़कों का विकास
- स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना
- कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- डिजिटल माध्यम से पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना
जनप्रतिनिधियों ने जताई उम्मीद
प्रभारी मंत्री संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांव और गरीब तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने इस योजना को जनभागीदारी के सिद्धांत पर आधारित बताया और कहा कि पंचायतों की सक्रिय भूमिका ही इसके सफल क्रियान्वयन की सबसे बड़ी ताकत होगी। सांसद अरुण भारती ने भी गांवों की मजबूत नींव पर जोर देते हुए कहा कि सशक्त पंचायतें ग्रामीण युवाओं, किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस योजना के माध्यम से कृषि आधारित उद्यमों और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर इस योजना को सफल बनाने की अपील की है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक पंचायत जिम्मेदारी से विकास योजनाओं को लागू करती है, तो मुंगेर सहित पूरे बिहार के गांव आधुनिक, आत्मनिर्भर और बेहतर प्रशासन वाले मॉडल गांव के रूप में स्थापित हो सकते हैं।








