OTT Release News: सिनेमाघरों में फिल्में देखने के शौकीनों के लिए बड़ी खबर! अब आपको अपनी पसंदीदा नई फिल्में ओटीटी पर देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसा ‘नया नियम’ लागू किया है, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर तुरंत फिल्में देखने वालों को झटका लग सकता है।
OTT Release: अब 8 हफ्ते बाद ही होगी फिल्मों की OTT रिलीज, मेकर्स ने लिया बड़ा फैसला!
OTT Release: क्या है यह नया नियम जो बदल देगा ओटीटी का खेल?
तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सिनेमाघरों के कारोबार को बचाने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब से सभी तेलुगु फिल्में अपनी थिएटर रिलीज के कम से कम 8 हफ्ते (यानी 56 दिन) बाद ही किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो पाएंगी। यह फैसला हाल ही में एक उच्च स्तरीय कार्यकारी समिति (ईसी) की बैठक में लिया गया, जहाँ सदस्यों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि डिजिटल प्रीमियर के कारण सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या लगातार घट रही है। अगर यह नया नियम पूरी तरह लागू होता है, तो दर्शक सिनेमाघरों में फिल्मों का आनंद लेने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि ओटीटी पर उन्हें तुरंत फिल्म देखने को नहीं मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह निर्णय उन दर्शकों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो घर बैठे ही नई रिलीज फिल्में देखना पसंद करते थे।






सिनेमाघरों में दर्शकों की वापसी की उम्मीद
इस फैसले के पीछे मुख्य मकसद सिनेमाघरों में एक बार फिर से रौनक लाना और उनके घटते कारोबार को संजीवनी देना है। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े कदम से दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में मदद मिलेगी। पहले लोग सोचते थे कि फिल्म अभी सिनेमाघर में देखकर पैसे क्यों खर्च करें, एक-दो महीने में तो ओटीटी पर आ ही जाएगी। इसी सोच ने थिएटर मालिकों की चिंता बढ़ा दी थी। यह नया नियम उसी मानसिकता को तोड़ने का प्रयास है।
इस ‘नया नियम’ के महत्व को समझाने के लिए, फिल्म चैंबर ने दो बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों, प्रभास की ‘कल्कि 2898 एडी’ और अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2: द रूल’ का उदाहरण दिया है। इन दोनों फिल्मों ने शुरुआत से ही अपनी ओटीटी रिलीज के लिए पूरे 8 हफ्ते का इंतजार करने का फैसला किया था। इसका परिणाम यह हुआ कि दोनों फिल्मों ने सिनेमाघरों में रिकॉर्डतोड़ कमाई की और कई हफ्तों तक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी। इन फिल्मों की सफलता ने इंडस्ट्री को यह साबित कर दिया है कि डिजिटल रिलीज में देरी से कुल थिएटर कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
पहले क्या था नियम?
पहले तेलुगु फिल्में अपनी थिएटर रिलीज के महज एक महीने बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हो जाती थीं। इस जल्दी रिलीज के कारण दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म देखने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि जल्द ही फिल्म घर बैठे ही उपलब्ध हो जाएगी। इसी प्रवृति को रोकने और सिनेमाघरों को बचाने के लिए यह बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







