Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वीरपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 29 करोड़ 56 लाख 99 हजार 196 रुपये की भारी-भरकम राशि को स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से वर्षों से लंबित इस परियोजना को नई गति मिलेगी, जिससे पूरे इलाके के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
इस स्वीकृत राशि का उपयोग एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक 88.83 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण में किया जाएगा। स्थानीय लोगों में इस खबर से खुशी की लहर है, क्योंकि उनका मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र को विकास की एक नई दिशा मिलेगी।






वीरपुर एयरपोर्ट पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
वीरपुर एयरपोर्ट के पूर्वी हिस्से में लगभग 1,800 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इसके लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता थी, जिसके अधिग्रहण के लिए अब यह नई राशि मंजूर की गई है। बता दें कि राज्य सरकार पहले भी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए करीब 43 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे चुकी है, जिससे परियोजना के कार्यों में और तेजी आने की संभावना है।
वीरपुर के एसडीएम नीरज कुमार ने बताया, “एयरपोर्ट विकास के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया पहले से चल रही है। प्रभावित रैयतों से आवश्यक दस्तावेज लिए जा चुके हैं और कई मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अतिरिक्त राशि मिलने से शेष भूमि अधिग्रहण और एयरपोर्ट के व्यवस्थित विकास का मार्ग अब और आसान होगा।”
भविष्य में पायलट ट्रेनिंग स्कूल की भी संभावना
इस परियोजना से जुड़ी एक और बड़ी संभावना सामने आई है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह ने संकेत दिया है कि वीरपुर एयरपोर्ट पर भविष्य में पायलट ट्रेनिंग स्कूल शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक मंजूरी या समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन यदि यह योजना साकार होती है, तो वीरपुर केवल हवाई सेवाओं का केंद्र ही नहीं, बल्कि विमानन प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हब भी बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीरपुर एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के आसपास होटल, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। नेपाल सीमा से सटे इस इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार मिलेगी। अब सभी की निगाहें भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की प्रगति पर टिकी हैं, ताकि यह परियोजना तय समय में पूरी होकर कोसी क्षेत्र के लिए विकास का नया अध्याय लिख सके।








