
Road Accident: नियति का पहिया जब घूमता है तो खुशियों भरी जिंदगानी पर दुखों का ऐसा ग्रहण लगता है कि चारों ओर सिर्फ अंधेरा छा जाता है। जाले नगर परिषद क्षेत्र में हुए एक हादसे ने एक हँसते-खेलते परिवार की सारी खुशियाँ छीन लीं और पूरे बाजार को मातम में डुबो दिया।
जाले में भीषण Road Accident: व्यवसायी की मौत से बाजार में पसरा मातम, घर में मचा कोहराम
जाले के युवा व्यवसायी संजय कुमार की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने से संपूर्ण गणपति बाजार और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। जवान बेटे का शव देखकर मां चंदा देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं, जबकि बहनें पिंकी और खुशबू का रो-रोकर बुरा हाल था।

घटना की खबर फैलते ही मृतक के घर पर रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का तांता लग गया। लोग शोक संतप्त पिता शंकर साह और बड़े भाई अजय साह को ढाढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन परिवार के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दुखद घटना के विरोध में और शोक व्यक्त करने के लिए गणपति बाजार के सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।

Road Accident में गई युवा व्यवसायी की जान
यह दर्दनाक हादसा 11 मार्च की रात को जोगियारा-कमतौल पथ पर मुरैठा के पास हुआ था। परिजनों ने बताया कि संजय कुमार दरभंगा के शिवधरा बाजार समिति से अपनी दुकान के लिए सामान खरीदकर एक टेंपो से जाले लौट रहे थे। इसी दौरान उनका टेंपो अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस सड़क दुर्घटना में टेंपो पर सवार दो महिलाओं सहित कुल पांच लोग घायल हुए थे।स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे बढ़कर सभी घायलों को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। संजय की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पहले डीएमसीएच रेफर किया गया।
Jale Road Accident: जवान बेटे का शव देख मां हुई बेहोश, पूरा बाजार बंद, जानें कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
Jale Road Accident: सड़क पर रफ्तार का पहिया जब जिंदगी की डोर से उलझता है, तो पीछे सिर्फ मातम और आंसू छोड़ जाता है। जाले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक होनहार युवा व्यवसायी की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
Jale Road Accident में गई युवा व्यवसायी की जान
जाले नगर परिषद क्षेत्र के निवासी और युवा व्यवसायी संजय कुमार की मौत की खबर से पूरा इलाका शोक में डूब गया है। गुरुवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। जवान बेटे का शव देखकर मां चंदा देवी बार-बार सुध-बुध खो रही थीं, जबकि बहनें पिंकी और खुशबू का रो-रोकर बुरा हाल था। घर पर मौजूद परिजन और आस-पड़ोस की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन किसी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
घटना की सूचना फैलते ही मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। लोग शोक संतप्त पिता शंकर साह और बड़े भाई अजय साह को ढांढस बंधा रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महिलाओं के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया था। अपने होनहार साथी की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए गणपति बाजार के सभी व्यवसायियों ने अपनी दुकानें स्वतः बंद रखीं। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 मार्च की रात जोगियारा-कमतौल पथ पर मुरैठा के पास हुई थी। बताया गया कि संजय कुमार दरभंगा के शिवधरा बाजार समिति से अपनी दुकान के लिए सामान खरीदकर एक टेंपो से जाले लौट रहे थे। इसी बीच उनका टेंपो अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण सड़क दुर्घटना में टेंपो पर सवार दो महिलाओं सहित कुल पांच लोग घायल हुए थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और सभी घायलों को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना में संजय कुमार को गंभीर चोटें आई थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्हें पहले डीएमसीएच रेफर किया गया, और वहां से बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया। हालांकि, परिवार वालों ने उन्हें दरभंगा के ही एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया, जहां इलाज के दौरान बुधवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। यह दर्दनाक Jale Road Accident एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन ले गया।






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