Bhagalpur Award News: भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रखंड के गोवरॉय पंचायत के पंचायत समिति सदस्य और पैक्स अध्यक्ष सजीवन मणि सिंह को देश के प्रतिष्ठित वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
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उन्हें यह सम्मान लंबे समय से किए जा रहे उनके सामाजिक कार्यों, वंचित वर्गों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य विशिष्ट हस्तियों की उपस्थिति में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपा गया। इस उपलब्धि ने क्षेत्र में खुशी का माहौल बना दिया है।
जमीनी स्तर पर बदलाव के सूत्रधार
सजीवन मणि सिंह केवल एक जन प्रतिनिधि ही नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण समाज में एक सक्रिय बदलाव लाने वाले के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में सामाजिक समानता और समावेशी विकास के विचारों को केवल बात तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जमीन पर उतारने का अथक प्रयास किया है। उनका लक्ष्य हमेशा से वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा है, जिसके लिए उन्होंने निरंतर काम किया है।
शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की भावना को भी काफी बल मिला है। Shahkund Social Work का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
चयन समिति ने सराहा सजीवन का योगदान
पुरस्कार चयन समिति ने बताया कि सजीवन मणि सिंह का जीवन और उनके कार्य वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार की मूल भावना को पूरी तरह से दर्शाते हैं। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जो अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं और राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। समिति ने उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे न केवल स्थानीय स्तर पर प्रभावी रहे हैं, बल्कि उनका संदेश व्यापक सामाजिक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक साबित हुआ है।
शाहकुंड में गर्व और उत्साह का माहौल
इस प्रतिष्ठित सम्मान की खबर मिलते ही शाहकुंड प्रखंड और गोवरॉय पंचायत में खुशी और गर्व का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उनका कहना है कि यह सम्मान सजीवन मणि सिंह के वर्षों के समर्पण, निस्वार्थ सेवा और जनहित के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का ही परिणाम है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी इस उपलब्धि के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
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ग्रामीण नेतृत्व को मिली राष्ट्रीय पहचान
यह सम्मान इस बात का एक सशक्त प्रतीक है कि यदि ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व मजबूत और संवेदनशील हो, तो वह राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बना सकता है। सजीवन मणि सिंह का उदाहरण यह दिखाता है कि छोटे गांवों और पंचायतों से भी बड़े सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत की जा सकती है। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि सच्ची लगन और सेवाभाव से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यह स्वीकार किया कि सजीवन मणि सिंह का जीवन संघर्ष और सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनके कार्यों ने यह साबित किया है कि सामाजिक सेवा के माध्यम से समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। स्थानीय युवाओं में भी इस उपलब्धि को लेकर भारी उत्साह है और वे इसे अपने लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए आगे आने को प्रेरित करेगा।
यह उपलब्धि शाहकुंड और गोवरॉय पंचायत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज की गई है। लोगों का कहना है कि इस सम्मान ने पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को और अधिक मजबूत किया है। सजीवन मणि सिंह ने जिस तरह से जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास किया है, वह अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल है।
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