Bihar AI Policy: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में बिहार अब एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Bihar AI Policy 2026 के मसौदे पर पटना में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित हुई, जिसमें उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को ‘ब्रेन ड्रेन’ से ‘ब्रेन गेन’ की दिशा में ले जाना है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे।
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बिहार को AI नवाचार का गढ़ बनाने का विजन
सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा बुधवार को पटना में आयोजित ‘Bihar AI Policy 2026 (Draft)’ पर स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने राज्य के विकास के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता बिहार को एक नई पहचान, अभूतपूर्व अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मजबूत मंच प्रदान करेगी। मंत्री मिश्रा ने उद्योग जगत से इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया, ताकि बिहार देश के अग्रणी नवाचार केंद्रों में शामिल हो सके।






नीतीश मिश्रा ने जोर देकर कहा, “बिहार अब विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता राज्य को नई पहचान, नए अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मजबूत मंच प्रदान करेगी। राज्य अब ‘Migration to Innovation’ और ‘Brain Drain to Brain Gain’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। बिहार की युवा प्रतिभाएं अब केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार और अवसर सृजित करने वाली शक्ति बनेंगी।”
उन्होंने सुझाव दिया कि Bihar AI Policy 2026 में निर्यात प्रोत्साहन (Export Promotion) और हरित ऊर्जा (Green Energy) को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यह कदम बिहार को तकनीक आधारित विकास, सतत औद्योगीकरण और वैश्विक निवेश का एक प्रमुख केंद्र बना सकता है।
निवेश और रोजगार सृजन पर फोकस
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में गिनाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि निवेशकों और उद्योगों के लिए नियमों को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, और सभी हितधारकों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि नई एआई नीति राज्य में निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परामर्श बैठक के दौरान AI रिसर्च, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, स्किल डेवलपमेंट, छात्रों और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, ओपन डेटा पॉलिसी, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी, रिस्पॉन्सिबल AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।
प्रतिभागियों ने नीति को सरल, व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बिहार को AI इनोवेशन और टेक्नोलॉजी-लेड ग्रोथ के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई ठोस सुझाव भी दिए। इस बैठक में Google India, Microsoft India, IndiaAI Mission, NASSCOM, IIT Patna, C-DAC, NIELIT, Sarvam AI, BharatGPT और MithilaStack सहित कई प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
यह परामर्श बैठक बिहार के तकनीकी भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से एक सशक्त और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा।








