Bihar Farmers: बिहार के लाखों किसानों को मुख्यमंत्री बिहार सम्राट चौधरी ने सोमवार को बड़ी राहत दी है। राज्य के 13 जिलों के 3.96 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे 200 करोड़ रुपये की कृषि इनपुट अनुदान राशि भेजी गई है। यह सहायता उन किसानों के लिए है जिनकी फसलें खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो गई थीं।
लोक सेवक आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अनुदान राशि को किसानों के खाते में हस्तांतरित किया। उन्होंने इस अवसर पर बिहार के किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।






किसानों के लिए “डबल इंजन” सरकार का वादा
“डबल इंजन की सरकार बिहार के किसानों के लाभ के लिए काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिनके आवेदन अभी भी लंबित हैं, उन्हें भी जल्द ही कृषि इनपुट अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
“आगे भी जिन किसानों के आवेदन आए हैं, उन्हें कृषि इनपुट अनुदान की राशि दी जाएगी।”
फसल क्षति का कारण और राहत की जरूरत
दरअसल, 2025-26 के दौरान जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा था, उन्हें यह जरूरी मदद दी जा रही है। मार्च के तीसरे और चौथे हफ्ते में अचानक आए आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को बिहार में काफी नुकसान पहुंचा था। सीएम ने इन्हीं प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की राशि भेजी है।
कृषि इनपुट अनुदान योजना: किसे कितना मिलेगा लाभ?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सरकार प्राकृतिक आपदाओं जैसे आंधी, बारिश, या सूखाड़ के कारण फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा देती है। यह योजना अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की भूमि में हुए फसल नुकसान के लिए मान्य है। इस योजना का लाभ केवल भू-स्वामी किसान ही नहीं, बल्कि रैयत और गैर-रैयत (बटाईदार या पट्टे पर खेती करने वाले) किसान भी उठा सकते हैं।
इस योजना में न्यूनतम सहायता राशि भी निर्धारित की गई है:
- असिंचित क्षेत्र के लिए: 1,000 रुपये
- सिंचित क्षेत्र के लिए: 2,000 रुपये
- बहुवर्षीय फसलों के लिए: 2,500 रुपये
पीएम किसान सम्मान निधि के बाद एक और बड़ी मदद
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को देश भर के करीब साढ़े नौ लाख किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के रूप में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। अब बिहार के किसानों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा यह फसल क्षति अनुदान मिलना, उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।








