Bihar Investment: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को नई गति देने की तैयारी चल रही है। 24 जून को विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई 68वीं बैठक में बड़े निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। इस महत्वपूर्ण फैसले से राज्य में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
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बिहार में 1628 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, 36 परियोजनाओं को मंजूरी
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) ने कुल 36 निवेश प्रस्तावों को प्रथम चरण की मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं में कुल 1,628.60 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश किया जाएगा।







इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों की सात परियोजनाओं के लिए 44.89 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन मंजूरियों से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और कई जिलों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बांका में अल्ट्राटेक सीमेंट की विशाल इकाई को मिली स्वीकृति
मंजूर किए गए प्रस्तावों में एक प्रमुख परियोजना अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की है। कंपनी को बांका जिले के कटोरिया औद्योगिक क्षेत्र में 3.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाली सीमेंट विनिर्माण इकाई स्थापित करने की अनुमति मिली है। इस परियोजना में 630.97 करोड़ रुपये का भारी निवेश होगा, जिससे क्षेत्र में सीमेंट उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इन प्रमुख कंपनियों के प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
अल्ट्राटेक सीमेंट के अलावा, कई अन्य कंपनियों को भी SIPB की बैठक में मंजूरी मिली है। इनमें Tiwana Nutrition Global Private Limited, Ankoor Tradevista Pvt. Ltd., Trycon Logistics and Support Services Private Limited, GreenExcel Private Limited, Somayan Remedies Private Limited, Himalaya Medical College & Hospital, BABA GREEN ENERGY, RK Shirts Private Limited, ARWAL AGRO INDUSTRIES PRIVATE LIMITED और SHRI GRISHNESHWAR COLD STORAGE PRIVATE LIMITED जैसे नाम शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में विकास होगा।
निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
बैठक के दौरान निवेश अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। निवेशकों को आने वाली परिचालन चुनौतियों को दूर करने पर भी चर्चा हुई, ताकि बिहार में व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) के माहौल को और बेहतर बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये स्वीकृत प्रस्ताव राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य बिहार को एक प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना और निजी क्षेत्र की निरंतर भागीदारी के माध्यम से इसके औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।









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