Bhagalpur University Protest: बिहार के भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अपनी मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन परिसर में थाली-चम्मच बजाकर जमकर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के 70 अतिथि शिक्षक पिछले सात दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
11 महीने से नहीं मिला वेतन, सेवा से भी हटाया
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में ग्यारह महीने तक काम किया है। इसके बावजूद, लगभग 70 अतिथि शिक्षकों को अभी तक उनका बकाया वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान से पहले ही इन सभी शिक्षकों को सेवा विस्तार दिए बिना कॉलेज की सेवा से हटा दिया गया है। इसी अन्याय के विरोध में वे पिछले सात दिनों से धरना दे रहे हैं।






विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता नहीं
धरना दे रहे अतिथि शिक्षकों ने बताया कि उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अभी तक कोई बात करने को तैयार नहीं हैं। शिक्षकों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को लगातार अनदेखा कर रहा है। इस उपेक्षा से नाराज शिक्षकों ने अब एक बड़ा फैसला लिया है।
धरना पर बैठे अतिथि शिक्षकों ने कहा, ‘यदि हमारी मांगों को अनदेखी किया गया तो आगे विधिवत आंदोलन का रूपरेखा तैयार करते हुए विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से भीख मांगने का काम करेगें।’
आगे की रणनीति पर मंथन जारी
शिक्षक संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनकी बकाया सैलरी का भुगतान नहीं हुआ और उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अड़ियल रवैये के खिलाफ अब अतिथि शिक्षकों ने एक व्यापक और विधिवत आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का मन बना लिया है, जिसमें विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से भीख मांगने जैसा प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी शामिल हो सकता है।








