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मातमी सन्नाटा: मां से कहा था ‘जल्द आऊंगा’, 2 घंटे बाद ही CISF के जवान रौशन कुमार की मौत!

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Jehanabad CISF Jawan Death: बिहार के जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड अंतर्गत लाखापुर गांव में इस वक्त गहरा शोक पसरा हुआ है। गांव के लाल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान रौशन कुमार की मुंबई में हृदय गति रुकने से अचानक मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। परिजन और ग्रामीण अब जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के बाद बिगड़ी तबीयत

लाखापुर गांव निवासी दिनेश शर्मा के पुत्र रौशन कुमार CISF में कार्यरत थे। उनके परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम को ड्यूटी खत्म करने के बाद रौशन अपने आवास पर पहुंचे थे। रात का खाना खाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी। इसके बाद उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया।

मां से कहा था- जल्द घर आऊंगा।

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मां से किया था ‘जल्द घर आने’ का वादा

यह दुखद घटना रौशन कुमार के परिवार के लिए और भी हृदय विदारक है, क्योंकि मौत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी मां संयुक्ता देवी, पिता दिनेश शर्मा, सास-ससुर और चचेरे भाई से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान रौशन ने सभी को ‘जल्द घर आने’ का आश्वासन दिया था। लेकिन इस बातचीत के ठीक करीब ढाई घंटे बाद, उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

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परिवार का इकलौता सहारा थे रौशन कुमार

रौशन कुमार की नियुक्ति CISF में वर्ष 2016 में हुई थी। पिछले चार सालों से वे मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात थे। वे अपने परिवार के इकलौते बेटे थे, जिनकी दो बहनें हैं। वर्ष 2018 में उनकी शादी घोसी थाना क्षेत्र के अलीगंज गांव निवासी प्रियंका कुमारी से हुई थी। उनका एक पांच वर्षीय बेटा भी है, जिसका नाम रुद्र कुमार है। जवान की मौत के बाद पत्नी प्रियंका कुमारी और मासूम बेटे रुद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के समय पत्नी और बेटा उनके साथ ही मुंबई में मौजूद थे। रौशन के निधन से परिवार का एकमात्र सहारा छिन गया है, जिससे उनके भविष्य पर गंभीर संकट आ गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, रौशन कुमार बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे। जब भी वे गांव आते थे, सभी लोगों का हालचाल लेते थे और उनके सुख-दुख में शामिल होते थे। उनकी असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं, और पूरा गांव अब रौशन के पार्थिव शरीर के लौटने का इंतजार कर रहा है।

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