Bihar JP Senani: पटना में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेपी सेनानियों के सम्मान में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही एक नई समिति का गठन करेगी, जिसका उद्देश्य सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों की जांच कर छूटे हुए जेपी स्वतंत्रता सेनानियों को सूची में शामिल करना होगा। यह कदम उन सभी लोगों को पहचान दिलाने की दिशा में उठाया गया है, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला
सम्राट चौधरी ने 1975 के आपातकाल को देश के इतिहास का एक काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून का दिन देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इसी दिन संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया गया था। बीजेपी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने जोर देकर कहा कि जेपी आंदोलन से जुड़े लोगों ने कांग्रेस की तानाशाही के खिलाफ मजबूती से संघर्ष किया था और अब उनकी सरकार उन सेनानियों के सम्मान से जुड़े सभी बचे हुए कार्यों को पूरा करेगी।






छूटे हुए सेनानियों को मिलेगी पहचान, बनेगी नई कमिटी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार के जेपी सेनानियों को सम्मान और पहचान दिलाने के लिए सरकार एक विशेष कमिटी का गठन करेगी। यह कमिटी सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की गहन जांच करेगी। इन आवेदनों में उन लोगों के नाम शामिल हैं, जो अब तक जेपी सेनानियों की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगले 25 जून को सभी जेपी सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा, जो उनके संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि होगी।
सहयोग शिविरों में लाखों आवेदन, सरकार की त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सहयोग शिविरों’ की सफलता के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले 30 दिनों में लगभग 3 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3 लाख 20 हजार आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काम में देरी या लापरवाही के मामलों में अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पहले स्तर पर 9 हजार, दूसरे स्तर पर 350 और तीसरे स्तर पर एक अधिकारी को नोटिस जारी किया गया, जिसने समय पर काम पूरा नहीं किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को पक्का घर, बिजली और पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर योजना’ का भी उल्लेख किया, जिसके तहत गरीबों को मुफ्त बिजली का लाभ प्रदान किया जा रहा है। जेपी सेनानियों के लिए यह नई पहल उनके योगदान को मान्यता देने और उनके बलिदान को याद रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








