Bihar Minister: बिहार के खान एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी भागलपुर पहुंचे। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री चंद्रवंशी यहां आपातकाल (इमरजेंसी) के 50 साल पूरे होने पर आयोजित एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी में शामिल होने आए हैं। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी को कांग्रेस शासनकाल के आपातकाल और उसके संवैधानिक प्रभावों के बारे में जानना बेहद ज़रूरी है।
भागलपुर में बिहार के मंत्री का भव्य स्वागत
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी का ढोल-नगाड़ों की थाप पर शानदार अभिनंदन किया। उन्हें अंगवस्त्र और बुके भेंट कर स्वागत किया गया। इस मौके पर भाजपा विधायक रोहित पांडे और जिला अध्यक्ष संतोष साह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री के पहले भागलपुर आगमन पर उत्साह दिखाया।






आपातकाल के 50 साल: नई पीढ़ी को जानना क्यों है जरूरी?
मीडिया से बातचीत के दौरान, बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. चंद्रवंशी ने आपातकाल के 50 साल पूरे होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास के उस काले अध्याय से अवगत कराना है।
आज की नई पीढ़ी को यह बताना बेहद जरूरी है कि कांग्रेस के शासनकाल में लगा आपातकाल क्या था और उसने देश के संविधान को किस तरह प्रभावित किया था।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भागलपुर से भी कई लोगों ने आपातकाल के विरोध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। मंत्री के इस बयान ने कांग्रेस के आपातकाल के दौरान संविधान पर पड़े प्रभावों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
कला और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
मंत्री के इस दौरे को लेकर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष (अति पिछड़ा मोर्चा) प्रिंस मंडल ने भी अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी के भागलपुर आगमन से जिले में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी और उन्हें प्रोत्साहन प्राप्त होगा। कार्यकर्ताओं का उत्साह मंत्री के स्वागत समारोह में साफ झलक रहा था, जो उनके आगमन को लेकर स्थानीय भाजपा इकाई की सक्रियता को दर्शाता है।








