Bihar Sanskrit University: दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला संस्कृत विश्वविद्यालय में गुरुवार का दिन बेहद खास रहा। कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने अपने कार्यालय कक्ष में दो सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वयं पेंशन भुगतान आदेश (PPO) पत्र सौंपकर उनकी वर्षों की सेवा को सम्मानित किया। इस पहल से न केवल सेवानिवृत्त हुए कर्मी बल्कि पूरा विश्वविद्यालय परिवार भी आनंदित हो उठा।
यह भावुक क्षण उन कर्मियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया, जिन्होंने अपनी जिंदगी का लंबा हिस्सा विश्वविद्यालय की सेवा में समर्पित कर दिया था। पीआरओ डॉ निशिकांत ने इस जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया कि कुलपति के इस व्यक्तिगत जुड़ाव से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है।






कुलपति ने किया सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान
कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने इस मौके पर सेवानिवृत्त हो रहे गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय, बैरगनिया, सीतामढ़ी के प्रधानाचार्य डॉ महानन्द ठाकुर और विश्वविद्यालय मुख्यालय के वरिष्ठ लिपिक मो. नसुरुद्दीन को पेंशन भुगतान आदेश पत्र प्रदान किए। पत्र सौंपने से पहले, दोनों ही कर्मियों का पारंपरिक रूप से पाग और चादर के साथ फूलमालाओं से स्वागत किया गया। यह सम्मान समारोह विश्वविद्यालय के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
कौन हैं डॉ महानन्द ठाकुर और मो. नसुरुद्दीन?
डॉ महानन्द ठाकुर विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में अपनी सशक्त भागीदारी के लिए जाने जाते थे। उन्हें अक्सर आयोजन संबंधी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी जाती थीं, जिन्हें वे पूरी ईमानदारी से निभाते थे। कॉलेज में पदस्थापित होने के बावजूद उन्हें मुख्यालय बुलाकर महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जाते थे। वहीं, मो. नसुरुद्दीन ने भी परीक्षा विभाग में वर्षों तक अपनी काबिलियत का परिचय दिया। उनके बिना पुराने कागजात, संचिकाएं खोजना या प्रमाण पत्र व अंक पत्र बनाना काफी मुश्किल माना जाता था।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ दिनेश झा, एफओ डॉ पवन कुमार झा, धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार झा, साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ सीताचरण झा, पूर्व डीन सह प्रधानाचार्य डॉ शिवलोचन झा और डॉ एके आजाद समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहे। कुलपति का यह कदम सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रति विश्वविद्यालय के सम्मान और उनके भविष्य की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे उन्हें बिना किसी परेशानी के अपनी सेवानिवृत्त जिंदगी शुरू करने में मदद मिलेगी।








