Bhagalpur Drug Awareness: विश्व मादक द्रव्य निषेध दिवस के अवसर पर भागलपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इसके साथ ही, एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया।
भागलपुर कोर्ट की बड़ी पहल: जज-कर्मी बोले- ‘नशा छोड़ो, समाज को बचाओ!’ शपथ से गूंजा परिसर
Bhagalpur Drug Abuse: विश्व मादक द्रव्य निषेध दिवस के अवसर पर भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भागलपुर के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मियों और आमजन को जागरूक करना था। इस पहल के जरिए समाज को नशामुक्त बनाने का सशक्त संदेश दिया गया।






न्यायपालिका ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
इस समारोह के दौरान एडिशनल जज राज नारायण निगम ने सभी उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों और कर्मियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे स्वयं कभी भी नशीली दवाओं या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को भी नशे के लिए प्रेरित न करने का प्रण लिया।
हम कभी भी नशीली दवाओं या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे, न ही किसी अन्य व्यक्ति को इसके लिए प्रेरित करेंगे। अपने परिवार, परिचितों और समाज के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेंगे। कार्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त रखेंगे तथा सभी सहयोगियों को भी स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित करेंगे।
हर स्तर पर फैलाई जाएगी जागरूकता
शपथ लेने वाले सभी लोगों ने अपने परिवार, परिचितों और समाज के अन्य सदस्यों को भी नशे से दूर रहने के लिए लगातार जागरूक करने का वादा किया। कार्यक्रम में यह भी संकल्प दोहराया गया कि न्यायालय परिसर को पूरी तरह से नशामुक्त रखा जाएगा। सभी सहयोगियों को स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।
जनभागीदारी से ही संभव है नशामुक्त समाज
इस आयोजन में न्यायालय के अनेक न्यायिक पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी और कर्मी मौजूद थे। सभी ने मिलकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने का अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। न्यायपालिका ने इस पहल के माध्यम से समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानूनी प्रावधानों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक जागरूकता से ही प्रभावी ढंग से जीती जा सकती है। यह कार्यक्रम समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एडिशनल जज राज नारायण निगम ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य कर्मियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इस शपथ के माध्यम से सभी ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे कभी भी किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं या मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को भी नशे के लिए प्रेरित न करने का वादा किया।
न्यायपालिका का नशामुक्ति के लिए बड़ा संकल्प
शपथ समारोह के दौरान, उपस्थित सभी लोगों ने अपने परिवार, परिचितों और समाज के अन्य सदस्यों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने का संकल्प दोहराया। यह भी तय किया गया कि न्यायालय परिसर को पूरी तरह से नशामुक्त रखा जाएगा। सभी सहयोगियों को भी स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि एक सकारात्मक माहौल बन सके।
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही प्रभावी रूप से जीती जा सकती है।
इस कार्यक्रम में न्यायालय के कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी और कर्मी भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर एक स्वर में नशे के खिलाफ जन जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
जनभागीदारी से ही सफल होगी नशे के खिलाफ जंग
इस आयोजन के माध्यम से न्यायपालिका ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में केवल कानूनी प्रावधान ही पर्याप्त नहीं हैं। इस जंग को प्रभावी रूप से जीतने के लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी और व्यापक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। भागलपुर व्यवहार न्यायालय की यह पहल समाज में एक नई चेतना जगाने का काम करेगी।








