Bihar Teacher Transfer Policy: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शिक्षा विभाग ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ को पूरे राज्य में आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। इस नई नीति से अब शिक्षकों को अपने मनपसंद तबादले के लिए जिला मुख्यालय या राज्य मुख्यालय पटना के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे शिक्षक अब घर बैठे ही सीधे ऑनलाइन आवेदन देकर अपने ट्रांसफर का दावा मजबूत कर सकेंगे।
सबसे बड़ी राहत गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षकों को मिली है, जिन्हें अब इलाज के अनुकूल नजदीक में तैनाती मिल सकेगी। यह कदम शिक्षकों के लिए बड़ी सहूलियत लेकर आया है।






7 विशेष श्रेणियों में होगा शिक्षकों का स्थानांतरण, गंभीर बीमारी वालों को प्राथमिकता
शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई इस नई नियमावली के तहत, स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इन श्रेणियों में गंभीर बीमारी से पीड़ित, दिव्यांग, विधवा, तलाकशुदा शिक्षक शामिल हैं, साथ ही म्यूचुअल और सामान्य स्थानांतरण का भी प्रावधान है। विभाग ने इसके लिए एक पॉइंट सिस्टम भी तैयार किया है।
इस श्रेणी में सबसे पहले उन शिक्षकों को स्थान दिया गया है, जो कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, ब्रेन ट्यूमर, डायलिसिस, मेजर न्यूरो सर्जरी और लकवा जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नजदीक के स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे उन्हें इलाज में सुविधा हो।
सामान्य ट्रांसफर के लिए 5 साल की सेवा अनिवार्य, म्यूचुअल में समान संवर्ग जरूरी
शिक्षकों का सामान्य स्थानांतरण अब प्रत्येक पांच वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि पूरी होने के बाद ही संभव होगा। हालांकि, गंभीर बीमारी या दिव्यांगता जैसी विशेष परिस्थितियों में इस न्यूनतम समय सीमा से पहले भी स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है।
म्यूचुअल ट्रांसफर चाहने वाले दोनों शिक्षकों के लिए संयुक्त सहमति के साथ-साथ समान संवर्ग या श्रेणी और विषय का होना अनिवार्य किया गया है। भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि सभी दावा संबंधी प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन ही अपलोड करना होगा और अंतिम आदेश सीधे पटना मुख्यालय के स्तर से जारी किया जाएगा।
यह नई Bihar Teacher Transfer Policy शिक्षकों को न केवल मानसिक राहत देगी, बल्कि उन्हें अपने परिवार और स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने में भी मदद करेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक भागदौड़ खत्म होगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है।








