Bihar School Exam: बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था की एक बड़ी खामी सामने आई है। उत्क्रमित प्लस-टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाले दक्षिणी में बुधवार को 10वीं की वार्षिक परीक्षा कमरों की कमी के कारण दो घंटे देर से शुरू हुई, जिससे परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षा लगभग 11 बजे प्रारंभ हो सकी, जिसने छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करने पर मजबूर कर दिया।
कमरों की कमी बनी देरी की मुख्य वजह
छात्रों ने बताया कि विद्यालय में पर्याप्त कमरे न होने से उन्हें असुविधा हुई। उनका कहना था कि पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी थी, लेकिन इस बार अव्यवस्था के कारण उनकी परीक्षा प्रभावित हुई। विद्यालय के एचएम रामलखन मंडल ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए बताया कि कक्षा एक से आठ तक 825 और उच्च माध्यमिक स्तर पर 875 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इसके बावजूद, विद्यालय में कुल नौ कमरे हैं, जिनमें से परीक्षा संचालन के लिए केवल दो कमरे ही उपलब्ध हो पाए।






एचएम रामलखन मंडल ने बताया, ‘सीमित संसाधनों के बीच कक्षा नौवीं, दसवीं और 12वीं की परीक्षा एक साथ संचालित करना बेहद कठिन हो गया था। हमने अतिरिक्त कमरों की मांग को लेकर पूर्व में बीईओ को आवेदन भी दिया था। बीईओ ने दो शिफ्ट में परीक्षा संचालन का आश्वासन दिया था, लेकिन व्यवस्था लागू नहीं होने से विद्यार्थियों को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।’
अभिभावकों का आक्रोश और BEO का तत्काल हस्तक्षेप
इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) प्रमोद कुमार ने तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप किया है।बीईओ प्रमोद कुमार ने कमरों की कमी को देखते हुए, मध्य विद्यालय के एचएम खुर्शीद अफाक और उत्क्रमित प्लस-टू उच्च माध्यमिक विद्यालय के एचएम रामलखन मंडल को परीक्षा अवधि तक दो शिफ्ट में परीक्षा कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2 जुलाई से परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। यह निर्णय छात्रों को हो रही परेशानी को कम करने के लिए लिया गया है, ताकि वार्षिक परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।








